हथियार देखते ही अलर्ट करेगा गरुड़ एआई: चंडीगढ़ की उद्यमी रीमा वर्मा ने बनाई टेक्नोलाजी, पहलगाम से बदला नजरिया Chandigarh News Updates

[ad_1]

पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद चंडीगढ़ की एक महिला उद्यमी रीमा वर्मा का नजरिया बदल दिया। उन्होंने अपनी विकसित की गई आर्म डिटेक्शन टेक्नोलॉजी गरुड़ एआई को यूएस में ट्रांसफर करने के बजाय अपने देश में ही अप्लाई करवाने की योजना तैयार कर ली। उनका मानना है कि यदि ऐसी टेक्नोलॉजी पहलगाम में होती तो शायद इतना बड़ा नुकसान न होता।

रीमा वर्मा ने बताया कि यह टेक्नोलॉजी आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस आधारित है। जिसको खासतौर से यूएस के लिए तैयार किया गया था। क्योंकि यूएस में आर्म्स कल्चर है। इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से यह पता लग जाता है कि व्यक्ति के पास आर्म है कि नहीं। रीमा वर्मा ने बताया कि उनका प्रयास है कि यह टेक्नोलॉजी संवेदनशील इलाकों में सेना की सहायता के लिए दी जाए।

ऐसे काम करती है टेक्नोलॉजी

रीमा वर्मा ने बताया कि अब आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरे होते हैं। सीसीटीवी इंटरनेट से कनेक्ट होता है। गरुड़ एआई एप को इसी के साथ कनेक्ट कर देते हैं। यह कनेक्टिविटी ऐसी होती है कि जैसे ही यह एप किसी हथियार को डिटेक्ट करता है तो इससे कनेक्टेड पुलिस, लोकल सिक्योरिटी एजेंसी को अलार्म दे देता है। जिससे सभी अलर्ट भी हो जाते हैं और किसी भी होने वाली घटना को रोका जा सकता है।

थर्मल एआई पर होगी टेक्नोलाजी

रीमा वर्मा ने बताया कि इस गरुड़ एआई एप को अपग्रेड करके इसको थर्मल एआई में बदला जा रहा है। जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और थर्मल इमेजिंग और तापमान डेटा का संयोजन किया जाएगा। यह तकनीक इन्फ्रारेड सेंसरों से मिलने वाले ऊष्मीय डेटा का विश्लेषण कर सटीक तापमान मानचित्रण, विस्थापन क्षतिपूर्ति, और वास्तविक समय में वस्तुओं का वर्गीकरण कर सकेगी। जिससे आर्म्स की ज्यादा सटीक जानकारी मिल सकेगी।

 

[ad_2]
हथियार देखते ही अलर्ट करेगा गरुड़ एआई: चंडीगढ़ की उद्यमी रीमा वर्मा ने बनाई टेक्नोलाजी, पहलगाम से बदला नजरिया