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अंबाला। निराकारी जागृति मिशन के चेयरमैन व महामंडलेश्वर एडवोकेट स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने सत्संग में प्रवचन किए। उन्होंने कहा कि विरोध और शिकायत भाव से जीवन बिखरता है, जबकि स्वीकार भाव से निखार आता है। वे यहां दो दिवसीय विशाल संत सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आध्यात्मिक संदेश देते हुए कहा कि जहां अहंकार और प्रतिशोध है, वहां शांति संभव नहीं। उन्होंने श्रद्धालुओं को सचेत किया कि संसार के सभी रिश्ते स्वार्थ पर टिके हैं, जो वक्त आने पर साथ छोड़ देते हैं। सम्मेलन में स्वामी को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। आयोजन में महात्मा नंदकिशोर, राजकमल, बलराम सिंह व उदय सिंह की प्रमुख भूमिका रही। संवाद
अंबाला में आयोजित संत समागम में प्रवचन करते स्वामी ज्ञान नाथ। प्रवक्ता
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