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सेकंड हैंड फोन खरीदते समय सबसे बड़ी गलती होती है उसकी सही तरह से वेरिफिकेशन न करना. हो सकता है वह फोन चोरी का हो, ब्लैकलिस्टेड हो या फिर उस पर किसी और का आईडी अकाउंट पहले से लिंक हो. ऐसे फोन पर नेटवर्क बंद हो सकता है, सिम काम करना बंद कर सकती है या फिर कानूनी दिक्कतें भी सामने आ सकती हैं. इसलिए फोन का इतिहास जानना बेहद जरूरी हो जाता है.
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सेकंड हैंड फोन लेने से पहले रुकिए! एक छोटी सी वेरिफिकेशन गलती करा सकती है बड़ा नुकसान




