साइबर लिटरेसी- फर्जी स्कीम में गंवाए 8 करोड़ रुपए: पैसे निवेश करते हुए सावधान, 6 गलतियां न करें, निवेश से पहले 8 फैक्ट चेक करें Health Updates

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17 मिनट पहले

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बीते महीने पंजाब के पटियाला में पूर्व आईजी अमर सिंह चहल ने खुद को गोली मार ली थी। उन्होंने 12 पन्नों के सुसाइड नोट में लिखा था कि उनके साथ 8.10 करोड़ रुपए का ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है।

पूर्व आईजी वॉट्सएप और टेलीग्राम पर एक्टिव एक ग्रुप के झांसे में आ गए। साइबर ठगों ने खुद को बैंकर और वेल्थ इक्विटी एडवाइजर बताकर उनसे करोड़ों रुपए का फ्रॉड किया।

इनमें से एक व्यक्ति खुद को DBS बैंक (डेवलपमेंट बैंक ऑफ सिंगापुर) का CEO बताकर शेयर बाजार, IPO और ट्रेडिंग से जुड़े टिप्स देता था। ग्रुप में इन्वेस्टर्स को ऑनलाइन डैशबोर्ड पर हाई रिटर्न दिखाया गया। लोग भारी मुनाफा देखकर पैसे लगाते गए। इसके बाद जब पैसे निकालने की बारी आई तो उनसे सर्विस फीस, टैक्स और मेंबरशिप के नाम पर फिर पैसे ठगे गए।

आप हर हफ्ते इस आर्टिकल में तरह-तरह के साइबर फ्रॉड के बारे में पढ़ते हैं। आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • अगर आपको पैसे इन्वेस्ट करने हैं तो उसका सही तरीका क्या है?
  • इन्वेस्टमेंट में कहां सबसे ज्यादा जोखिम होता है?
  • कहां इन्वेस्ट करना सुरक्षित है?

एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस

सवाल- इन्वेस्टमेंट फ्रॉड क्या है?

जवाब- इन्वेस्टमेंट फ्रॉड का मतलब है, निवेश के नाम पर ठगी। इसमें कोई व्यक्ति या कंपनी ज्यादा मुनाफे का लालच देती है। ऐसे ज्यादातर मामलों में कम समय में बड़े मुनाफे के वादे किए जाते हैं। शुरुआत में भरोसा दिलाने के लिए छोटी रकम पर फायदे दिखाए जाते हैं, लेकिन बाद में इन्वेस्टर्स को न मूल रकम मिलती है, न मुनाफा।

सवाल- फर्ज करिए कि आपके पास एक लाख रुपए हैं और आपको इन्वेस्ट करना है, तो अब आप क्या करेंगे?

जवाब- अगर किसी के बैंक अकाउंट में रुपए जमा हैं, तो समय के साथ उनकी कीमत घटती जाती है। दरअसल सेविंग अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज अक्सर महंगाई दर से कम होता है। यानी अकाउंट में पड़ा पैसा तो उतना ही रहता है, लेकिन उसकी वैल्यू कम हो जाती है।

बैंक में पड़े-पड़े आपके पैसे कम हो रहे हैं तो ऐसे में ये ख्याल आता है कि उसे कहीं इन्वेस्ट ही कर देते हैं। कोई ऐसा इन्वेस्टमेंट, जिससे अच्छा रिटर्न मिल जाए। लेकिन इस दौरान कुछ गलतियों से पैसे डूब भी सकते हैं।

पूर्व आईजी अमर सिंह ने भी ठीक यही सोचा था, लेकिन उन्होंने इन 5 गलतियों से सारे रुपए गंवा दिए।

ऊपर ग्राफिक से हमने समझा कि अमर सिंह ने इन्वेस्टमेंट करते हुए क्या गलतियां कीं। तो अब अगला लॉजिकल सवाल ये है कि इन्वेस्टमेंट का सही तरीका क्या है। आइए इसे समझते हैं।

सवाल- इन्वेस्टमेंट का सही तरीका क्या है?

जवाब- इन्वेस्टमेंट करते समय सबसे जरूरी बात यह है कि आपका पैसा सुरक्षित रहे और संतुलित रिटर्न मिले। इसके लिए सही तरीका यह है कि केवल भरोसेमंद और रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म के जरिए ही निवेश किया जाए।

सबसे पहले तो किसी भी स्कीम में पैसा लगाने से पहले उसकी पूरी जानकारी लें, रिस्क समझें और सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स चेक करें।

सवाल- निवेश करते समय कौन सी गलतियां कभी नहीं करनी चाहिए?

जवाब- निवेश में सबसे बड़ा खतरा लालच के चक्कर में फेक कंपनी में पैसे इन्वेस्ट करने का है। ये हमेशा ध्यान रखें कि अनजान कॉल या ऑनलाइन ग्रुप के भरोसे पैसे लगाने से सिर्फ नुकसान ही होगा। इन्वेस्टमेंट की गलतियों से बचने के लिए ग्राफिक देखिए-

सवाल- एक अच्छा इन्वेस्टर कैसे निवेश करता है?

जवाब- एक अच्छा इन्वेस्टर भावनाओं के आवेश में आए बिना समझदारी से निवेश करता है। सबसे पहले वह पहले अपने लक्ष्य और उसे अचीव करने की टाइम लिमिट देखता है। इसके बाद अपनी निवेश क्षमता देखता है और स्कीम के जोखिम को समझता है।

किसी भी तरह के गारंटीड रिटर्न या जल्दी अमीर बनने के लालच से दूर रहता है। वह धैर्य रखता है, लंबी अवधि के बारे में सोचता है और निवेश को नियमित रूप से रिव्यू भी करता है। वह इन्वेस्ट करने से पहले खुद से कुछ सवाल भी पूछता है, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या लालच इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की सबसे बड़ी वजह है?

जवाब- हां, ज्यादातर ठग इन्वेस्टर्स के लालच का फायदा उठाकर ही ठगी करते हैं। इसलिए कभी भी गारंटीड रिटर्न के लालच में न आएं।

निवेश के लिए हमेशा ऑफिशियल तरीके चुनें। बैंक में निवेश कर रहे हैं तो ब्रांच जाकर संपर्क करें। अगर शेयर बाजार में इन्वेस्ट कर रहे हैं तो सेबी अप्रूव्ड भरोसेमंद एप के जरिए ही करें। वॉट्सएप, टेलीग्राम पर आए निवेश से जुड़े मैसेज पर भरोसा न करें।

सवाल- अगर निवेश के दौरान फ्रॉड का शक हो तो तुरंत क्या करें?

जवाब- जैसे ही लगे कि आपके साथ ठगी हो रही है, तो बिना देर किए अपने बैंक को तुरंत सूचना दें और ट्रांजैक्शन रोकने की रिक्वेस्ट करें। इसके बाद साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। फ्रॉड के बाद जितनी जल्दी शिकायत होती है, उससे रिकवरी की संभावना उतनी ही ज्यादा बढ़ जाती है।

सवाल- क्या इन्वेस्टमेंट फ्रॉड के बाद पैसा वापस मिल सकता है?

जवाब- हां, लेकिन यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितनी जल्दी शिकायत की है। अगर ट्रांजैक्शन के कुछ घंटों के भीतर बैंक और साइबर सेल को सूचना दे दी जाए, तो ठग का अकाउंट फ्रीज कर दिया जाता है। अगर शिकायत करने में देर हुई तो ठग ये पैसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। इसके चलते रिकवरी मुश्किल हो जाती है।

आखिर में फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम के 5 रेड फ्लैग हमेशा याद रखें

  • बहुत ज्यादा या फिक्स रिटर्न का दावा किया जाए।
  • जल्दी फैसला लेने का दबाव हो।
  • सिर्फ वॉट्सएप/टेलीग्राम पर संपर्क किया जाए।
  • बैंक ब्रांच या ऑफिस आपके घर से बहुत दूर बताया जाए।
  • पैसा निकालते समय बार-बार नई फीस मांगी जाए।

इसलिए निवेश हमेशा ऑफिशियल तरीके से करें। निवेश से पहले मन में जितने सवाल आएं, जरूर पूछें और शक होने पर तुरंत रुक जाएं। उसकी अच्छे से जांच-पड़ताल करें।

……………… ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- कॉल फॉरवर्डिंग से हो रहा स्कैम: डिलीवरी एजेंट बनकर फंसाते हैं स्कैमर, साइबर एक्सपर्ट से जानें ठगी से कैसे बचें

ठगों ने साइबर फ्रॉड का एक और खतरनाक तरीका निकाला है। इसमें वे खुद को डिलीवरी या कूरियर कंपनी का एजेंट बताकर लोगों को कॉल करते हैं। पार्सल कन्फर्म करने या डिलीवरी रीशेड्यूल के बहाने एक खास कोड डायल करने को कहते हैं। आगे पढ़िए…

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