सड़कें लील रही प्राण: भिवानी-दादरी में तीन साल में 560 लोगों की मौत, ब्लैक स्पॉट दुरुस्त करने प्रशासन विफल Latest Haryana News

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यातायात नियमों की पालना न करने या फिर लापरवाही बरतने के कारण सड़क हादसे होते रहते हैं लेकिन कुछ हादसों के लिए प्रशासनिक व्यवस्था भी जिम्मेदार होती है। नेशनल और स्टेट हाईवे पर बने ब्लैक स्पॉट भी इसी प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा होते हैं। दादरी जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान नेशनल हाईवे पर छह ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई हैं। इनमें सुधार की दिशा में समुचित प्रयास नहीं किए गए हैं। भिवानी जिले में ब्लैक स्पॉट को काफी हद तक दुरुस्त कर दिया गया है लेकिन अभी भी कुछ जगहों पर दिक्कत जस की तस है। चरखी दादरी जिले में 2023 से नवंबर 2025 तक 225 लोग जान गवां चुके हैं। वहीं, भिवानी में 2023 से नवंबर 2025 तक 335 लोगों की मौत सड़क हादसों में हो चुकी है।

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चरखी दादरी जिले में चार ब्लैक स्पॉट नेशनल हाईवे 334बी पर तथा एक-एक ब्लैक स्पॉट नेशनल हाईवे 148बी और नेशनल हाईवे 152डी पर है। यातायात पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार नेशनल हाईवे 334बी पर गांव अचीना ताल, गांव समसपुर, गांव भैरवी तथा गांव अटेला में ब्लैक स्पॉट हैं। वहीं नेशनल हाईवे 152डी पर रानीला रेस्ट एरिया के समीप तथा नेशनल हाईवे 148बी पर गांव चरखी में ब्लैक स्पॉट हैं।

इनमें से गांव समसपुर में ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनवाया गया है। गांव चरखी में ब्लैक स्पॉट खत्म करने के लिए रंबल-स्ट्रिप बनवाए गए हैं। गांव अचीना ताल में ब्लैक स्पॉट खत्म करने के उद्देश्य से कंवेक्स मिरर लगवाया गया था लेकिन वर्तमान में यह नदारद है। इसी प्रकार रानीला रेस्ट एरिया पर बने ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए साइन बोर्ड लगवाए गए थे। इनके अलावा गांव भैरवी और अटेला में ब्लैक स्पॉट को खत्म करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए।

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सड़कें लील रही प्राण: भिवानी-दादरी में तीन साल में 560 लोगों की मौत, ब्लैक स्पॉट दुरुस्त करने प्रशासन विफल