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हरियाणा के अंबाला जिलें में श्री बालाजी सेवा समिति इंसानियत की मिसाल पेश कर रही है.बता दे कि यह समिति उन लावारिस और बेसहारा लोगों के लिए अंतिम संस्कार का जिम्मा उठाती है जिनके निधन पर उन्हें कंधा देने वाला भी कोई नहीं होता.क्योंकि आज के समय में जहां जीवन किसी तरह कट जाता है तो वहीं मौत के बाद सम्मानजनक विदाई मिलना सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है.
अक्सर कहा जाता है कि इंसान का सबसे बड़ा धर्म इंसानियत होता है, लेकिन आज के दौर में यह भावना कहीं न कहीं खोती हुई नजर आ रही है. दरअसल, रोज ऐसे मामले सामने आते हैं जो मानवता को शर्मसार कर देते हैं. वहीं हरियाणा के अंबाला जिले में श्री बालाजी सेवा समिति इंसानियत की मिसाल पेश कर रही है. यह समिति उन लावारिस और बेसहारा लोगों के लिए अंतिम संस्कार का जिम्मा उठाती है, जिनके निधन पर उन्हें कंधा देने वाला भी कोई नहीं होता. आज के समय में जहां जीवन किसी तरह कट जाता है, वहीं मौत के बाद सम्मानजनक विदाई मिलना सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है. ऐसे में यह समिति मानवता को जिंदा रखने का सराहनीय कार्य कर रही है.
संस्था का मकसद
इस बारे में लोकल 18 को जानकारी देते हुए संस्था के संस्थापक सतीश गौरी ने बताया कि साल 2008 में श्री बालाजी सेवा समिति का गठन हुआ था. यह गठन लोगों की जरूरत को देखते हुए किया गया था. उन्होंने कहा कि इस संस्था का उद्देश्य इंसानियत के नाते किसी भी लावारिस शव का अंतिम संस्कार करवाना और जरूरतमंद परिवारों की मदद करना है, जो किसी कारण अपने परिजन का अंतिम संस्कार कराने में असमर्थ होते हैं. उन्होंने बताया कि संस्था की शुरुआत तब हुई, जब एक गरीब मजदूर का परिवार उनके पास आया, जो अंतिम संस्कार करवाने में असमर्थ था. उस समय उन्होंने अपनी क्षमता के अनुसार मदद की और वहीं से इस कार्य की शुरुआत हुई. धीरे-धीरे 50 लोग इससे जुड़ गए और समाजहित में कार्य करने लगे.
कर चुके हैं कई परिवारों की मदद
उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा अंतिम संस्कार में उपयोग होने वाली सभी जरूरी सामग्री उपलब्ध करवाई जाती है. इसके लिए लगभग 5,000 से 10,000 रुपये तक का खर्च संस्था के 50 सदस्य मिलकर जुटाते हैं. उन्होंने कहा कि कोरोना काल में संस्था ने लगभग 400 परिवारों को राशन उपलब्ध कराया और मरीजों को स्टीमर मशीन भी निशुल्क दी. अब तक श्री बालाजी सेवा समिति 200 गरीब परिवारों की बेटियों की शादी करवा चुकी है और इन शादियों में आवश्यक फर्नीचर भी उपलब्ध कराती है.
विद्यार्थियों को निशुल्क ट्यूशन भी देती है संस्था
संस्था हर महीने 10 से 15 गरीब परिवारों को राशन दे रही है. इसके अलावा, कई विद्यार्थियों को निशुल्क ट्यूशन भी दी जा रही है और समय-समय पर मेडिकल कैंप लगाकर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें
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