वॉट्सएप आपके प्राइवेट मैसेज पढ़ रहा: मस्क बोले- ये भरोसे लायक नहीं, टेलीग्राम CEO ने एन्क्रिप्शन फ्रॉड बताया; कोर्ट से हर्जाने की मांग Today Tech News

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वॉशिंगटन18 मिनट पहले

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के मालिक इलॉन मस्क और टेलीग्राम के CEO पावेल डुरोव ने वॉट्सएप की प्राइवेसी पर सवाल उठाए हैं। मस्क ने कहा कि वॉट्सएप पर भरोसा नहीं किया जा सकता। वहीं, डुरोव ने इसे इतिहास का सबसे बड़ा ‘एन्क्रिप्शन’ फ्रॉड बताया।

यह विवाद अमेरिका में वॉट्सएप के खिलाफ दायर एक नए क्लास एक्शन मुकदमे के बाद शुरू हुआ है। यह मुकदमा इसी साल जनवरी में ब्रायन वाई. शीराजी और निदा सैमसन नाम के दो यूजर्स ने कैलिफोर्निया के फेडरल कोर्ट में दायर किया गया था।

इसमें मेटा प्लेटफॉर्म्स और एक्सेंचर को पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने ज्यूरी ट्रायल की मांग की है और कंपनी से हर्जाने की अपील की है।

एन्क्रिप्शन के बावजूद निजी मैसेज पढ़ रहा वॉट्सएप

याचिका में दावा किया गया है कि वॉट्सएप अपने यूजर्स के मैसेज को बीच में ही इंटरसेप्ट करता है। इसमें कहा गया है कि मेटा इन मैसेज को एक्सेंचर जैसी तीसरी पार्टियों के साथ शेयर कर रहा है। जबकि कंपनी दावा करती है कि उसके मैसेज ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड’ हैं यानी भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई तीसरा इन्हें नहीं पढ़ सकता।

मस्क बोले वॉट्सएप की जगह X चैट इस्तेमाल करें

इलॉन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए X चैट का इस्तेमाल करने की अपील की और दावा किया कि वहां ‘असली प्राइवेसी’ मिलती है।

वहीं, पावेल डुरोव ने कहा कि वॉट्सएप अरबों यूजर्स को गुमराह कर रहा है। टेलीग्राम ने कभी ऐसा नहीं किया और न ही कभी करेगा।

मेटा बोला- आरोप पूरी तरह गलत और बेतुके हैं

इन गंभीर आरोपों पर मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि मुकदमे में किए गए दावे पूरी तरह से झूठे और बेतुके हैं। वॉट्सएप पिछले एक दशक से सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर रहा है। आपके मैसेज भेजने वाले और पाने वाले के अलावा कोई और नहीं पढ़ सकता।

मस्क और जुकरबर्ग का झगड़ा पुराना

इलॉन मस्क और मार्क जुकरबर्ग के बीच विवाद कोई नया नहीं है। मस्क द्वारा ट्विटर (अब X) खरीदने के बाद जुकरबर्ग ने उसे टक्कर देने के लिए ‘थ्रेड्स’ लॉन्च किया था। 2025 में मस्क ने अपने AI चैटबॉट ‘ग्रोक’ को मेटा AI से बेहतर बताया था। जून 2023 में मस्क ने जुकरबर्ग को ‘केज फाइट’ की चुनौती भी दी थी, जिसके जवाब में जुकरबर्ग ने लोकेशन मांगी थी।

नॉलेज बॉक्स : क्या होता है एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन?

सरल शब्दों में कहें तो एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन एक ऐसी सुरक्षा तकनीक है जो आपके मैसेज को एक गुप्त कोड में बदल देती है, जिसे सिर्फ भेजने वाला और प्राप्त करने वाला ही पढ़ सकता है। इसके बीच में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर, हैकर या यहां तक कि सर्विस देने वाली कंपनी (जैसे वॉट्सएप या मेटा) खुद भी आपके मैसेज, फोटो या कॉल को देख या सुन नहीं सकती।

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