वैदिक संस्कृति के प्रचार में भारत से मिली प्रेरणा : डॉ. रामबिलास Latest Haryana News

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रोहतक। आर्य समाज बोहर में शुक्रवार को दक्षिण अफ्रीका के आर्य समाज का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामबिलास बिसराम ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में आर्य समाज के कार्यों की प्रेरणा भारत से ही मिली है। हमारे पूर्वजों को करीब 150 वर्ष पूर्व अंग्रेज बंधवा मजदूर बनाकर ले गए थे लेकिन उन्होंने वहां भी अपनी धर्म और संस्कृति को जीवित रखा। अब दक्षिण अफ्रीका में वैदिक विचारधारा दृढ़ता से स्थापित है जो भारत की प्रेरणा का परिणाम है।

सार्वदेशिक आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी आदित्यवेश ने कहा कि आर्य समाज का यह वैश्विक स्वरूप हमें एकता और आत्मबल का संदेश देता है। गुरुकुल झज्जर स्नातक मंडल के महासचिव कृष्ण शास्त्री ने कहा कि यह मिलन आर्य समाज की वैश्विक एकता और सांस्कृतिक बंधन का प्रतीक है।

यहां स्वामी मैत्रेय, सिंधु भोगल, आर्य समाज बोहर के प्रधान धनीराम आर्य, विशाल आर्य, सुभाष आर्य, अश्वनी आर्य आदि ने विचार व्यक्त किए। अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

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वैदिक संस्कृति के प्रचार में भारत से मिली प्रेरणा : डॉ. रामबिलास