विश्व रोगी दिवस : औंधे मुंह गिरा मुंह के कैंसर मरीजों का ग्राफ Latest Haryana News

[ad_1]

रोहतक। मुंह के कैंसर को लेकर बढ़ी जागरूकता ने मरीजों के आंकड़े को औंधे मुंह गिरा दिया है। पीजीआईडीएस में बीते तीन वर्षों में यही सुखद तस्वीर सामने आई है। इस दौरान जानलेवा बीमारी की आशंका वाले मरीजों की संख्या बढ़ाई गई लेकिन कैंसर पीड़ित कम होते गए। यह संकेत सुखद है।

पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज (पीजीआईडीएस) के ओरल मेडिसिन व रेडियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अंबिका गुप्ता बताते हैं, कैंसर का जल्द पहचान से ही मरीजों की जीवनरक्षा संभव है। देरी हुुई तो फिर कुछ संभव नहीं। इसी कारण खतरे की स्थिति पर तुरंत जांच कराने पर जोर है।

पिछले तीन सालों में इसी ने आंकड़ों में बड़ा उलटफेर दिखाया है। पहले जहां कम मरीजों की जांच के बाद भी अधिक कैंसर संक्रमित मिलते थे। अब स्थिति इसके उलट है। जांच अधिक की करा रहे हैं लेकिन कैंसर की पुष्टि कम में हो रही है। किसी को हुुई भी तो उसे बचाना आसान हो गया है।

बीते वर्ष संस्थान आए 810 लोगों को मुंह के कैंसर का खतरा दिख रहा था। इनकी जांच में 147 को कैंसर की पुष्टि हुई। शेष को दूसरी बीमारियां मिलीं और इलाज से वे स्वस्थ भी हो गए। वर्ष 2023 में 640 लोगों को जांच में 189 कैंसर पीड़ित निकले थे।

डॉक्टर बताते हैं, अस्पताल आने वाले लोग अब खुद ही कैंसर जांच कराने का आग्रह करने लगे हैं। यह बदलाव ही बीमारी को हराने में कारगर हथियार सिद्ध होगा क्योंकि पहले लोग घबराकर जांच से ही मना कर देते थे। संवाद


तंबाकू-सिगरेट है मुंह के कैंसर का मुख्य कारण

पीजीआईडीएस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरनीत बताते हैं कि मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण तंबाकू, गुटखा, खैनी और सिगरेट है। युवाओं में बढ़ती शराब की लत और खराब खान-पान भी इस जोखिम को बढ़ा रहे हैं। मुंह की साफ-सफाई पर ध्यान न देना और नुकीले दांतों के कारण होने वाले घावों को नजरअंदाज करना भी कैंसर का कारक बन सकता है।


नशे से दूरी से घट सकते हैं 80 प्रतिशत मामले

डॉ. अंबिका गुप्ता के मुताबिक, मुंह का कैंसर रातों-रात नहीं होता। यदि लोग छह महीने के अंतराल में दांतों की जांच करा लें और तंबाकू से दूरी बना लें तो 80 फीसदी कैंसर के मामले रोके जा सकते हैं।

संवाद


इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

मुंह में लंबे समय तक रहने वाला सफेद या लाल पैच।

ऐसा घाव या छाला जो दो से तीन हफ्तों में ठीक न हो सका हो।

मुंह खोलने या खाना निगलने में कठिनाई हो।

आवाज में बदलाव या गर्दन में अकारण गांठ हो।



वर्ष आशंकित मरीज कैंसर की पुष्टि

2023 640 189

2024 756 171

2025 810 147

6-पीजीआईडीएस के ओरल मेडिसिन व रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंबिका गुप्ता। संस्थान

[ad_2]
विश्व रोगी दिवस : औंधे मुंह गिरा मुंह के कैंसर मरीजों का ग्राफ