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चीन ने दलाई लामा की छवि खराब करने के लिए इंटरनेट और डिजिटल प्रोपेगेंडा का सहारा लिया। चीनी सरकारी मीडिया ने अमेरिका के बदनाम अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों का गलत मतलब निकालकर दलाई लामा का नाम उनसे जोड़ने की कोशिश की। लेकिन केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने इन बातों को पूरी तरह झूठा बताया है। उन्होंने अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट की जारी की गई एपस्टीन फाइलों को ध्यान से जांचा। जांच में सामने आया कि फाइलों में दलाई लामा का नाम सिर्फ किसी और के बयान या संदर्भ में आया है। दलाई लामा और एपस्टीन के बीच न तो कभी मुलाकात हुई, न पैसों का कोई लेन-देन हुआ और न ही किसी तरह की बातचीत का कोई सबूत मिला। जब मामला बढ़ा तो दलाई लामा के दफ्तर ने साफ कहा कि दलाई लामा ने कभी जेफ्री एपस्टीन से मुलाकात नहीं की और न ही किसी को उनकी तरफ से उससे बात करने की इजाजत दी।
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वर्ल्ड अपडेट्स: एपस्टीन केस में दलाई लामा को बदनाम करने की साजिश बेनकाब, 35 लाख पन्नों की जांच में चीनी दावा फेक निकला



