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8 मिनट पहले
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अमेरिकी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन का निजी विमान ‘लोलिता एक्सप्रेस’ अब दक्षिणी अमेरिका के एक एयरक्राफ्ट यार्ड में जर्जर हालत में खड़ा है। करीब छह दशक पुराना यह बोइंग 727 अब दोबारा कभी उड़ान नहीं भरेगा।
करीब 60 साल पुराना और 133 फीट लंबा लोलिता एक्सप्रेस कभी महंगी साज-सज्जा और निजी केबिन के लिए जाना जाता था। अब इसकी बाहरी सतह पर जंग और गंदगी की परत जमी है। इंजन वर्षों पहले हटा दिए गए, जिससे यह स्थायी रूप से जमीन पर खड़ा है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, इस विमान का इस्तेमाल नाबालिग लड़कियों को न्यूयॉर्क और फ्लोरिडा ले जाने में किया गया। पीड़ितों ने बयान दिए कि उड़ानों के दौरान भी शोषण हुआ।
एक सर्वाइवर वर्जीनिया जिउफ्रे ने भी दावा किया था कि उनके साथ विमान में यौन उत्पीड़न हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के भीतर अब भी फ्लाइट मैनुअल, फाइलें, नैपकिन और प्लेसमैट रखे हैं, जिन पर नंबर छपा है। बाथरूम कैबिनेट में टॉयलेट्री आइटम और निजी सामान पड़े हैं।
मुख्य सोने वाले हिस्से में अब भी गद्दा मौजूद है, जिसके ऊपर इमरजेंसी ऑक्सीजन मास्क लटके हैं। लाल रंग के अपहोल्स्ट्री वाले सीटिंग लाउंज अब धूल से ढंके हैं।
रिकॉर्ड के अनुसार, 2001 में एपस्टीन से जुड़ी एक कंपनी ने यह विमान खरीदा था। 2019 में संघीय सेक्स-ट्रैफिकिंग आरोपों में उसकी गिरफ्तारी से ठीक पहले मालिकाना हक बदला गया। इसके बाद यह कई एविएशन कंपनियों के जरिए ट्रांसफर हुआ।
हालांकि पहले इसे स्क्रैप करने की योजना थी, लेकिन अब तक इसे पूरी तरह तोड़ा नहीं गया है। विमान को ‘लोलिता एक्सप्रेस’ उपनाम इसलिए दिया गया क्योंकि आरोप थे कि इसमें नाबालिग लड़कियों की तस्करी हुई। यह नाम 1955 के अडल्ट नॉवेल ‘लोलिता’ से लिया गया है, जिसमें एक मध्यवय पुरुष की 12 साल की लड़की के प्रति आसक्ति की कहानी है।
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वर्ल्ड अपडेट्स: अमेरिकी यौन अपराधी का विमान जर्जर हालत में, नाबालिग लड़कियों को ले जाता था, अडल्ट नॉवेल से ‘लोलिता’ नाम मिला



