[ad_1]
Local Charger: आजकल ज्यादातर लोग चार्जर खराब होते ही लोकल मार्केट से सस्ता चार्जर खरीद लेते हैं. देखने में ये चार्जर बिल्कुल ओरिजिनल जैसे लगते हैं लेकिन अंदर से ये आपके स्मार्टफोन के लिए जहर साबित हो सकते हैं. कुछ रुपये बचाने के चक्कर में हजारों का फोन खतरे में पड़ जाता है.
बैटरी की उम्र तेजी से घटती है
लोकल चार्जर में सही वोल्टेज और करंट कंट्रोल नहीं होता. इसकी वजह से फोन की बैटरी पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है. शुरुआत में आपको लगेगा कि फोन ठीक चार्ज हो रहा है लेकिन कुछ ही समय में बैटरी जल्दी डिस्चार्ज होने लगती है. कई मामलों में बैटरी फूलने तक की नौबत आ जाती है जो बेहद खतरनाक है.
फोन के अंदरूनी पार्ट्स हो सकते हैं खराब
ओरिजिनल चार्जर में ओवरहीटिंग, ओवरचार्ज और शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए सेफ्टी चिप लगी होती है. लोकल चार्जर में ये सुरक्षा नहीं मिलती. चार्जिंग के दौरान हल्का सा करंट फ्लक्चुएशन भी मदरबोर्ड, चार्जिंग IC या डिस्प्ले को नुकसान पहुंचा सकता है. एक बार ये पार्ट्स खराब हो गए तो रिपेयर का खर्च फोन की कीमत के आधे तक पहुंच सकता है.
फोन में आग लगने का डर
आपने कई बार खबरों में सुना होगा कि चार्जिंग के दौरान फोन फट गया या उसमें आग लग गई. इसके पीछे अक्सर घटिया क्वालिटी का चार्जर ही जिम्मेदार होता है. लोकल चार्जर जल्दी गर्म हो जाते हैं और वायर की इंसुलेशन भी कमजोर होती है. ऐसे में शॉर्ट सर्किट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है जो जान-माल दोनों के लिए खतरा बन सकता है.
कंपनियां क्यों मना करती हैं लोकल चार्जर से?
स्मार्टफोन कंपनियां हमेशा ओरिजिनल या सर्टिफाइड चार्जर इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं. इसका कारण सिर्फ पैसे कमाना नहीं बल्कि फोन की सेफ्टी और लंबी उम्र है. लोकल चार्जर से हुए नुकसान पर वारंटी भी खत्म हो सकती है जिससे यूजर को दोहरी मार झेलनी पड़ती है.
सही चार्जर चुनना क्यों है जरूरी?
अगर आप चाहते हैं कि आपका फोन लंबे समय तक सही चले, तो चार्जर पर कभी समझौता न करें. हमेशा ब्रांडेड या BIS सर्टिफाइड चार्जर ही इस्तेमाल करें. कुछ रुपये बचाने के लिए लिया गया गलत फैसला आपके कीमती स्मार्टफोन को हमेशा के लिए डैमेज कर सकता है.
यह भी पढ़ें:
[ad_2]
लोकल चार्जर इस्तेमाल करते हैं तो हो जाएं सावधान! ये तीन 3 खतरनाक नुकसान आपके महंगे फोन को बना द



