[ad_1]
हरियाणा के रोहतक में ब्रेन डेड मरीज के ऑर्गन को परिवार ने दान कर दिया। इन ऑर्गन को दिल्ली भेजने के लिए रोहतक से दिल्ली तक स्पेशन ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। मेडिकल टीम के साथ हरियाणा पुलिस की गाड़ी भी साथ-साथ चलती रही। 26 मार्च को भिवानी के विजेंद्र घायल हालत में पीजीआई में भर्ती हुए थे। उनके सिर में गंभीर चोट आई थी। डॉक्टरों ने जांच की तो उसमें विजेंद्र का ब्रेन डेड मिला। इसके बाद डॉक्टरों ने परिजनों ने ऑर्गन डोनेट करने के लिए मोटिवेट किया। गुरुवार को दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक पीजीआई के डॉक्टरों की टीम ने ऑर्गन निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में भेजे, जहां विभिन्न मरीजों को ये आर्गन ट्रांसप्लांट किए गए। परिजनों ने पीजीआई भर्ती कराया रोहतक पीजीआईएमएस के वीसी डॉ. एचके अग्रवाल ने बताया कि भिवानी के जुई कलां निवासी विजेंद्र (36) के सिर में गंभीर चोट लगी थी। 26 मार्च को परिजनों ने उन्हें पीजीआई में भर्ती कराया था। इसके बाद उनका इलाज शुरू किया गया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। ट्रांसप्लांट करने के लिए परिजन तैयार हुए डॉक्टरों की टीम ने उनके ब्रेन की जांच की तो ब्रेन डेड मिला। इसके बाद डॉक्टरों का एक पैनल बनाया गया। दो बार ब्रेन की टेस्टिंग हुई। लेकिन रिपोर्ट में फिर सामने आया कि ब्रेन डेड है। इसके बाद ऑर्गन ट्रांसप्लान करने वाली टीम ने परिजनों से संपर्क किया। 6 घंटे तक चली ऑर्गन डोनेट की प्रक्रिया डॉक्टरों की टीम ने परिजनों से बात कर उन्हें बेटे के ऑर्गन डोनेट करने के लिए मोटिवेट किया। डॉक्टरों के समझाने के बाद परिजन भी इसके लिए राजी हो गए। गुरुवार को पीजीआई में उनके ऑर्गन निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक प्रक्रिया पूरी हुई। रोहतक से दिल्ली तक ग्रीन कॉरिडोर दिल्ली के एक पेसेंट को विजेंद्र का हॉर्ट ट्रासप्लांट किया गया। इसके लिए ही रोहतक पुलिस ने दिल्ली तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया। विजेंद्र के फेफड़ों को गुरुग्राम और किडनी को रोहतक पीजीआई को डोनेट किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी आंख और किडनी भी डोनेट की गई है। बेहोशी की हालत में मिले थे विजेंद्र विजेंद्र 26 मार्च की सुबह काम के लिए घर से निकले थे। दो घंटे बाद परिजनों को सूचना मिली कि विजेंद्र भिवानी बस स्टैंड पर बेहोशी की हालत में हैं। हालत गंभीर होने पर उन्हें रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया गया। हालांकि यह सामने नहीं आया कि विजेंद्र बेहोशी की हालत में कैसे पहुंचे। काफी इलाज के बाद भी विजेंद्र को होश नहीं आया, डॉक्टरों ने जांच की तो उनका ब्रेड डेड मिला। 8 अप्रैल को सुबह 11 बजे उनका देहांत हो गया। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने ऑर्गन डोनेट करने की प्रक्रिया शुरू की।
[ad_2]
रोहतक से दिल्ली तक ग्रीन कॉरिडोर, हॉस्पिटल भेजा गया हॉर्ट: 100 पुलिसकर्मी जुटे; युवक के सिर में गंभीर चोट लगी थी, परिवार ने ऑर्गन डोनेट किए – Rohtak News


