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Agency:News18 Haryana
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अंबाला के आर्य गर्ल्स कॉलेज में राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ. यहां डॉ. अनुपमा आर्य ने नारी शक्ति मुद्दे पर जोर दिया. उन्होंने सरोजिनी नायडू को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्…और पढ़ें
राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष,नारी है सृजन की शक्ति, हर रूप में वह अद्वितीय: डॉ.
हाइलाइट्स
- राष्ट्रीय महिला दिवस पर आर्य गर्ल्स कॉलेज में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया.
- डॉ. अनुपमा आर्य ने नारी शक्ति और सरोजिनी नायडू के योगदान पर प्रकाश डाला.
- महिलाओं को समाज में समानता, सशक्तिकरण लाने के लिए प्रेरित किया गया.
अंबाला: अंबाला छावनी के आर्य गर्ल्स कॉलेज में वूमैन सैल और हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय महिला दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया. इस मौके पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनुपमा आर्य ने महिलाओं को प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि सरोजिनी नायडू जैसी सशक्त महिलाओं का जन्मदिवस हमें यह स्मरण कराता है कि महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति रखती हैं.
उन्होंने कहा कि नारी सृजन की शक्ति है और हर रूप में वह अद्वितीय है. महिलाएं घर की आधारशिला होती हैं. इसलिए सिर्फ महिला सशक्तिकरण की बात करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें उचित सम्मान और पहचान दिलाने का भी प्रयास होना चाहिए.
डॉ. अनुपमा आर्य ने पढ़ी ये कविता
डॉ. अनुपमा आर्य ने इस अवसर पर स्वयं रचित कविता प्रस्तुत कर माहौल को भावनात्मक बना दिया. उन्होंने कुछ पंक्तियों में नारी के समर्पण और उसकी शक्ति का चित्रण किया:
“मैं चाहती तो नाप सकती थी न जाने कितनी जमीं,
चाहती तो खंगाल सकती थी अनंत आसमां,
मगर मैंने घर संभालना चुना,
बच्चों की हर वक्त उपलब्ध मां होना चुना,
मैंने वो किया जो फरिश्ते करते हैं,
चांद, सितारे और धनक करते हैं.”
महिलाओं के लिए समानता का करना होगा काम
कार्यक्रम की वूमैन सैल कन्वीनर डॉ. अनीता गोदारा ने कहा कि हमें इस दिन को सिर्फ उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझने के अवसर के रूप में मनाना चाहिए. हमें महिलाओं के लिए समानता और समृद्धि वाले समाज का निर्माण करने की दिशा में कार्य करना होगा.
शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. सरिता चौधरी ने भारत कोकिला सरोजिनी नायडू को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हमें उनसे प्रेरणा लेकर महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने के प्रयास करने चाहिए.
महिला सशक्तिकरण की दिशा में किया गया जागरूक
हिंदी विभाग की प्रो. ममता भटनागर ने अपनी कविता “हे नारी! तुम तेज हो, तुम शौर्य की गूंज हो” के माध्यम से आधुनिक महिला की शक्ति और संघर्ष का चित्रण किया. इस कार्यक्रम ने उपस्थित सभी लोगों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में जागरूक और प्रेरित किया.
February 15, 2025, 19:15 IST
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