रागी, बेसन या फिर गेहूं… किस आटे की रोटी खाना होता है बेस्ट, कब्ज में सबसे फायदेमंद कौन? Health Updates

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आज के समय में कब्ज (Constipation) एक ऐसी समस्या है, जिसने कभी न कभी सभी लोगों को परेशान किया है. यह एक आम समस्या बन गई है, जो पेट संबंधी बीमारियों को बढ़ा रही है. जब किसी व्यक्ति को कब्ज की समस्या होती है, तो उसे अपने मल यानी स्टूल को त्यागने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि यह समस्या तब होती है, जब मल काफी कठोर और सूखा हो जाता है. ऐसे में मल त्यागने के दौरान दर्द होता है और पेट सही से साफ नहीं हो पाता. अगर आप हफ्ते में 3 बार से कम मल त्याग कर पाते हैं, तो आपको कब्ज की समस्या हो सकती है. ऐसे में समय पर इलाज और चिकित्सकीय परामर्श लेना बहुत जरूरी है, नहीं तो यह समस्या काफी बढ़ सकती है.

कब्ज में किस आटे की रोटी खानी चाहिए?

चोकर वाला गेहूं का आटा

बहुत से लोगों का यह सवाल होता है कि कब्ज से छुटकारा पाने के लिए किस आटे की रोटी का सेवन करना चाहिए, जिससे कब्ज से राहत और बचाव हो सके. आइए इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि कब्ज के लिए कौन सा आटा सबसे बेहतर है. गेहूं का आटा हमारी डेली डाइट में शामिल होता है, खासकर उत्तर भारत में. गेहूं की रोटियों के बिना भोजन की कल्पना करना भी मुश्किल है. गेहूं का आटा हमारा मुख्य खाद्य पदार्थ है. लेकिन अगर आपको कब्ज की परेशानी है, तो चोकर मिला हुआ गेहूं का आटा कब्ज के लिए अधिक फायदेमंद माना जाता है.
चोकर वह परत होती है, जो गेहूं पिसवाने के दौरान सबसे ऊपर से निकल जाती है. अगर आप चोकर निकाले बिना उसी आटे की रोटियां खाते हैं, तो यह कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है. चोकर मिले गेहूं के आटे में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो मल को मुलायम बनाती है और कब्ज की समस्या को कम करती है.

रागी के आटे की रोटियां

रागी का आटा शरीर और पेट के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. रागी को सुपरफूड के रूप में भी जाना जाता है. रागी का आटा ग्लूटेन फ्री होता है और इसमें कैल्शियम की अच्छी मात्रा पाई जाती है. अगर आप रागी के आटे की रोटियां अपनी डेली डाइट में शामिल करते हैं, तो यह शरीर और हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद होता है. इसके अलावा रागी के आटे में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो कब्ज और पेट संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करती है. यह आसानी से पच जाता है, जिससे पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा कम रहता है.

बेसन के आटे की रोटियों

बेसन के आटे की रोटियों को डेली डाइट में शामिल करने से शरीर को कई फायदे मिलते हैं. बेसन के आटे में प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर को मजबूत बनाने में मदद करती है. अगर किसी व्यक्ति को कब्ज की समस्या है, तो बेसन के आटे की रोटियों का सेवन फायदेमंद हो सकता है. बेसन में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पेट की सेहत और गट हेल्थ के लिए लाभकारी है. बेसन का सेवन मल को मुलायम बनाता है, जिससे मल त्यागने में परेशानी नहीं होती और आंतों की मूवमेंट भी बेहतर रहती है. इससे पेट संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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