[ad_1]
प्रतीकात्मक फोटो।
बैंकाक: म्यांमार में सेना से लड़ रहे ‘थ्री ब्रदरहुड अलायंस’ से जुड़े एक विपक्षी मिलीशिया ने दावा किया कि सेना ने मंगलवार देर रात चीनी रेड क्रॉस के नौ वाहनों के एक राहत काफिले पर गोलीबारी की। बता दें कि इस काफिले में मांडले शहर के लिए राहत सामग्री ले जायी जा रही थी, जहां गत शुक्रवार को दोपहर 7.7 तीव्रता का भूकंप आया था और हजारों इमारतें ध्वस्त हो गई थीं, पुल ढह गए थे और सड़कें उखड़ गई थीं। ऐसे में राहत सामग्री ले जा रहे चीनी रेड क्रॉस पर हमले ने तूल पकड़ लिया है। हालांकि म्यांमार सेना का कहना है कि चीनी रेड क्रॉस ने अपने मूवमेंट की पूर्व जानकारी नहीं दी थी।
सरकारी टेलीविजन एमआरटीवी के अनुसार म्यांमार के भूकंप में अब तक 2,886 लोगों की मौत हो चुकी है और 4,639 अन्य घायल हुए हैं, लेकिन स्थानीय मीडिया ने हताहतों की संख्या अधिक संख्या बताई है। ‘थ्री ब्रदरहुड अलायंस’ ने मानवीय सहायता को सुगम बनाने के वास्ते मंगलवार को एकतरफा एक महीने के संघर्षविराम की घोषणा की थी। हालांकि भूकंप के बाद से हमले जारी हैं। हाल ही में, ब्रदरहुड अलायंस से संबंधित एक विपक्षी विद्रोही ने बताया कि सेना ने मंगलवार देर रात शान प्रांत के उत्तरी हिस्से में ओह्न मा टी गांव के पास एक सड़क पर चीनी रेड क्रॉस के नौ वाहनों के राहत काफिले पर गोलीबारी की।
जानें क्यों हुआ काफिले पर हमला
तांग नेशनल लिबरेशन आर्मी ने कहा कि चीनी रेड क्रॉस मांडले के लिए राहत सामग्री ले जा रहा था और उसने सेना को अपने मार्ग की जानकारी दी थी। सैन्य शासन के प्रवक्ता मेजर जनरल जॉ मिन तुन ने सरकारी एमआरटीवी को हालांकि बताया कि काफिले ने समय से पहले अपने मार्ग के बारे में अधिकारियों को सूचित नहीं किया था। उन्होंने रेड क्रॉस का उल्लेख किए बिना कहा कि सुरक्षा बलों ने एक काफिले को रोकने के लिए हवा में गोलियां चलाईं, जो ओह्न मा टी गांव के पास नहीं रुका। चीन के विदेश मंत्रालय प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन कहा कि ‘‘चीन की रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा म्यांमा को प्रदान की गई राहत सामग्री पड़ोसी देश पहुंच गई है और मांडले के रास्ते में है। बचाव कर्मी और आपूर्ति सुरक्षित हैं।’’ (एपी)

[ad_2]
म्यांमार में भूकंप पीड़ितों के लिए राहत सामग्री ले जा रहे चीनी रेड क्रॉस पर हमला – India TV Hindi