‘मोहब्बत और नफरत की सोच के बीच…’, हिमंत बिस्बा पर भड़के राहुल गांधी, 5 गारंटी का किया ऐलान Politics & News

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असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक पार्टियां अपना जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं. इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को असम के टिटाबर विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित किया. राहुल गांधी यहां कांग्रेस प्रत्याशी प्राण कुर्मी के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे थे.

टिटाबर को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, जहां से पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कई बार चुनाव जीतकर लगातार तीन कार्यकाल तक असम का नेतृत्व किया था.

जनसभा को संबोधित करते हुए बोले राहुल गांधी

सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जनता से जो कुछ छीना गया है, उसे वापस करना होगा और मुख्यमंत्री को इसके लिए माफी मांगनी पड़ेगी. उन्होंने कहा, ‘जो कुछ भी जनता से लिया गया है, उसे लौटाना होगा. मुख्यमंत्री को माफी मांगनी पड़ेगी, लेकिन केवल माफी से काम नहीं चलेगा- हम कानून का सहारा लेंगे. वह कहीं भी जाएं, पास या दूर, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा. कितना भी चिल्ला लें या उछल लें, कानून से बच नहीं सकते.’

भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र कर बोले राहुल गांधी

राहुल गांधी ने असम की सांस्कृतिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह भूमि श्रीमंत शंकरदेव, भूपेन हजारिका, ज्योति प्रसाद अग्रवाला और जुबीन गर्ग जैसे महान व्यक्तित्वों की है, जिन्होंने हमेशा प्रेम, एकता और ईमानदारी का संदेश दिया. उन्होंने अपनी यात्रा भारत जोड़ो यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा, ‘हमने देशभर में मोहब्बत फैलाने की बात की. असम के लोग भी इसी भावना में विश्वास करते हैं, लेकिन यहां के मुख्यमंत्री इससे बिल्कुल दूर हैं और केवल नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं.’

जुबीन गर्ग का उदाहरण देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे असम की असली भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने कहा, ‘जो भी गरीब व्यक्ति उनके पास जाता था, वह मुस्कान के साथ लौटता था. वे हमेशा एकता और इंसानियत की बात करते थे.’

राहुल ने CM हिमंत बिस्वा सरमा पर साधा निशाना

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के साथ विश्वासघात किया और भाजपा सरकार अपने पिछले वादों को पूरा करने में विफल रही है. उन्होंने चाय बागान मजदूरों (TGL) को 500 रुपये देने के वादे को पूरी तरह झूठा बताया. साथ ही, छह समुदायों से किए गए वादों को भी अधूरा बताया.

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असम की जमीन कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों को दी गई है और राज्य सरकार के फैसले दिल्ली से तय हो रहे हैं. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार के दबाव में असम की नीतियां प्रभावित हो रही हैं.

सभा के अंत में राहुल गांधी ने कहा, ‘यह चुनाव मोहब्बत और नफरत की सोच के बीच की लड़ाई है. कांग्रेस को समर्थन दें और गरीबों व आम जनता की सरकार बनाएं.’

क्या हैं कांग्रेस पार्टी की प्रमुख पांच गारंटियां?

इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पार्टी की ओर से पांच प्रमुख गारंटियों का ऐलान किया. जिसमें,

  • महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता और स्वरोजगार के लिए 50 हजार रुपये
  • 100 दिनों के भीतर ज़ुबीन गर्ग से जुड़े मुद्दों पर न्याय
  • 10 लाख लोगों को भूमि पट्टा
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1,250 रुपये मासिक सहायता
  • गंभीर बीमारियों के लिए 25 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा

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