
[ad_1]
Gold Monetization Scheme: केंद्र सरकार ने एक बड़े फैसले में गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (GMS) को 26 मार्च 2025 (बुधवार) से बंद करने का ऐलान किया है. वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह फैसला बदलते बाजार की हालात को देखते हुए लिया गया है. हालांकि, बैंक अब भी 1 से 3 साल की अवधि वाली शॉर्ट-टर्म गोल्ड डिपॉजिट स्कीम चला सकेंगे.
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम
इस स्कीम की शुरुआत 15 सितंबर 2015 को हुई थी, जिसका मकसद था देश में घर-घर और संस्थाओं में पड़े सोने को उत्पादक कामों में लगाना और सोने के आयात पर निर्भरता कम करना. अब तक इस स्कीम के जरिए नवंबर 2024 तक करीब 31,164 किलो सोना जुटाया गया.
अब क्या बदला?
सरकार ने मीडियम टर्म (5-7 साल) और लॉन्ग टर्म (12-15 साल) गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को बंद कर दिया है. लेकिन शॉर्ट-टर्म (1-3 साल) डिपॉजिट स्कीम बैंक अपने स्तर पर चला सकते हैं.
क्या होगा डिपॉजिटर्स का सोना?
अगर आपने इस स्कीम में सोना जमा किया है, तो घबराने की जरूरत नहीं. सरकार ने साफ किया है कि अगर आपका डिपॉजिट पूरा हो चुका है, तो आप सोना या नकदी में इसे वापस ले सकते हैं.
इसके अलावा, जिनका डिपॉजिट अभी चल रहा है, उन्हें ब्याज मिलता रहेगा और मैच्योरिटी पर पैसा या सोना मिलेगा. जबकि अगर आप समय से पहले सोना निकालना चाहते हैं, तो पहले के नियम लागू होंगे, जिसमें कटौती हो सकती है. अगर आपके मन में सवाल उठ रहा कि 26 मार्च के बाद क्या होगा? तो आपको बता दें, कि अब मीडियम और लॉन्ग टर्म स्कीम में नया सोना जमा नहीं किया जा सकेगा. जबकि पहले से जमा सोना उसी तरह चलता रहेगा.
कितना सोना जमा हुआ था?

शॉर्ट टर्म: 7,509 किलो
मीडियम टर्म: 9,728 किलो
लॉन्ग टर्म: 13,926 किलो
कुल 5,693 लोगों ने इस स्कीम में अपना सोना जमा किया था.
सोने के भाव में तेज उछाल
1 जनवरी 2024 को सोना 63,920 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो 25 मार्च 2025 तक 41.5 फीसदी बढ़कर 90,450 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया. तो अगर आपने इस स्कीम में निवेश किया है, तो चिंता की कोई बात नहीं. सरकार आपके डिपॉजिट की सुरक्षा की गारंटी दे रही है.
ये भी पढ़ें: 7 दिन की तूफानी तेजी के बाद फिर से धड़ाम शेयर मार्केट, 400 अंक तक लुढ़का सेंसेक्स; निफ्टी 23,600 से नीचे
[ad_2]
मोदी सरकार ने बंद कर दी ये गोल्ड स्कीम…कहीं आपका भी पैसा तो नहीं फंसा इसमें?