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शिवसेना नेता और प्रवक्ता संजय निरुपम ने मुंबई की राजनीति, मेयर पद और विपक्षी दलों को लेकर तीखे बयान दिए हैं. उन्होंने कहा कि मुंबई के मेयर पद को लेकर वैधानिक प्रक्रियाएं बाकी हैं और साफ जनादेश महायुति के पक्ष में है. ऐसे में शिवसेना UBT खेमे में बेचैनी स्वाभाविक है, लेकिन उनके अनुसार मेयर महायुति का ही बनेगा.
संजय निरुपम ने कहा कि मुंबई मेयर बनने से पहले आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होगी लॉटरी के जरिए तय होती है. इसके बाद महायुति के नेता आपस में बैठकर अंतिम फैसला करेंगे. उन्होंने दो टूक कहा कि चाहे उद्धव ठाकरे और संजय राउत कुछ भी कर लें, उनका मेयर नहीं बनेगा क्योंकि जनादेश साफ है.
शिवसेना UBT के मेयर विकल्प पर सवाल
संजय निरुपम ने आरोप लगाया कि शिवसेना UBT की बेचैनी 27 साल की कथित ‘तिजोरी लूट’ के खिलाफ जनता के फैसले का नतीजा है. उन्होंने कहा कि मुंबई ने अपना फैसला सुना दिया है और अब शिवसेना यूबीटी के पास कोई ठोस विकल्प नहीं बचा.
संजय राउत के बयान पर पलटवार
संजय राउत के ‘पीएम मोदी आत्ममंथन करें’ वाले बयान पर एकनाथ शिंदे के नेता संजय निरुपम ने पलटवार करते हुए कहा कि बहुमत गठबंधन को मिला है, न कि विपक्ष को. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि संजय राउत महामूर्ख है. आत्ममंथन उन्हें खुद करना चाहिए कि जनता ने उन्हें क्यों नकारा.
वोटिंग से शिवसेना UBT को बाहर करने के आरोप
शिवसेना UBT को वोटिंग से बाहर किए जाने के आरोपों को निरुपम ने “कपोल कल्पना” बताया. उनका कहना है कि महायुति के पास पर्याप्त नगरसेवक हैं और राउत की इस प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं है, फिर भी वे बेवजह बेचैन हैं.
मुस्लिम नगरसेवकों की संख्या पर बोलते हुए निरुपम ने कहा कि एक वर्ग समय-समय पर अलग-अलग दलों का रुख करता रहा है. उन्होंने दावा किया कि सपा और मुस्लिम लीग की दुकान बंद होगी.
नागपुर में दंगे के आरोपी फहीम खान की पत्नी की जीत पर संजय निरुपम ने AIMIM पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिन पर दंगों के आरोप हैं, उन्हें टिकट देना गलत संदेश देता है और इससे शांति पसंद लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
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मुस्लिम नगरसेवकों की संख्या पर क्या बोले संजय निरुपम? मुंबई मेयर पद के आरक्षण पर दिया बड़ा बयान




