मस्क का मंत्र,असंभव लक्ष्य देकर टीम की सोच बदल दें: पूर्व टेस्ला प्रेसिडेंट ने ‘द एल्गोरिदम’ में मस्क के जरिए बताए बिजनेस-लाइफ के बड़े सबक Politics & News

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  • Musk’s Mantra: Change The Team’s Mindset By Giving Them Impossible Goals.

द इकोनॉमिस्ट.न्यूयॉर्क37 मिनट पहले

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मस्क जैसे ‘अतार्किक’ लोग कहते हैं- कारें जमीन पर चलती हैं, तो मंगल पर क्यों नहीं?।

विश्वप्रसिद्ध आयरिश नाटककार व लेखक जॉर्ज बर्नार्ड शॉ ने लिखा था- ‘तार्किक व्यक्ति खुद को दुनिया के अनुसार ढालता है, जबकि अतार्किक व्यक्ति दुनिया बदलने की कोशिश करता है; प्रगति ऐसे ही लोगों से होती है।’ इलॉन मस्क इसका श्रेष्ठ उदाहरण हैं।

मंगल पर बसाहट या दिमाग में चिप लगाना भले पागलपन लगे, पर मस्क के लिए यही भविष्य गढ़ने का असली एल्गोरिदम है। टेस्ला के पूर्व प्रेसिडेंट जॉन मैक्नील ने किताब ‘द एल्गोरिदम’ में मस्क की कार्यशैली व टेस्ला के विकास के अनकहे पहलू सहेजे हैं। ये बिजनेस के साथ जिंदगी के प्रति भी नया नजरिया देंगे। लीडर्स से आम लोग तक इनसे सबक ले सकते हैं।

दुनिया को अपने अनुसार ढालना

एक ‘तार्किक’ व्यक्ति वह है जो ऑफिस के नियमों व समाज की सीमाओं को मानकर चलता है। पर मस्क जैसे ‘अतार्किक’ लोग कहते हैं- कारें जमीन पर चलती हैं, तो मंगल पर क्यों नहीं? टेस्ला की ऑनलाइन सेल बढ़ाने के लिए उन्होंने यह नहीं कहा कि थोड़ी और कोशिश करो। उन्होंने टीम को 64 क्लिक की लंबी प्रक्रिया को घटाकर 10 क्लिक करने का असंभव लक्ष्य दिया। यह ‘अतार्किकता’ ही थी जिसने ई-कॉमर्स से कार बेचने का तरीका बदल दिया।

हर जरूरत पर सवाल उठाना

‘द एल्गोरिदम’ का पहला कदम है…परंपराओं की जंजीरें तोड़ना। अक्सर हम कोई काम इसलिए करते हैं क्योंकि बरसों से ऐसे ही हो रहा है। मस्क का नियम है कि चाहे वह नियम किसी स्मार्ट इंजीनियर ने बनाया हो या खुद उन्होंने, उस पर सवाल उठाएं। मस्क अक्सर पूछते हैं,‘क्या यह पुर्जा वाकई जरूरी है?’ अगर कोई कानून की दुहाई देता है तो वे उस कानून के पीछे के तर्क को भी चुनौती देते हैं। मस्क का मानना है कि कई नियम ‘विकास की गति’ को धीमा करने के लिए अनजाने में बन जाते हैं।

सुधार नहीं, डिलीट

हमारा दिमाग अक्सर चीजों को सुधारने की कोशिश करता है, जबकि मस्क का एल्गोरिदम कहता है… उसे डिलीट कर दो। अगर फालतू कदम को सुधार रहे हैं, तो आप वक्त बर्बाद कर रहे हैं। कार बनाते वक्त कोई सेंसर बार-बार दिक्कत देता है, तो मस्क उसे बेहतर बनाने के बजाय पूछते हैं-‘बिना सेंसर के काम चला सकते हैं?’ यदि 10% चीजें डिलीट करने के बाद, वापस नहीं जोड़नी पड़ रही हैं, तो इसका मतलब है कि आपने अभी पर्याप्त चीजें डिलीट नहीं की हैं।

सोच पूरी तरह बदलना

लक्ष्य 10-20% बढ़ाना है, तो हम पुरानी मेहनत को थोड़ा बढ़ा देते हैं। पर जब लक्ष्य 20 गुना बढ़ जाए, तब ‘नवाचार’ करना ही पड़ता है। 70 के दशक में साउथवेस्ट एयरलाइंस को अपने विमान मात्र 10 मिनट में वापस हवा में भेजने थे। यह ‘तार्किक’ रूप से असंभव था। इस दबाव ने उन्हें फार्मूला-1 रेसिंग के ‘पिट-स्टॉप’ क्रू से तकनीक सीखने पर मजबूर किया। उन्होंने वही किया जो मस्क आज कर रहे हैं- असंभव लक्ष्य देकर टीम की सोच पूरी तरह बदल देना। एक और अहम सबक… ‘सबसे महंगी गलती गलत काम करना नहीं है, बल्कि सही काम को लंबे समय तक करते रहना है’ (जरूरत खत्म होने के बाद भी)। चाहे आप बड़ी कंपनी चला रहे हों या घर की जिम्मेदारियां, कभी-कभी ‘अतार्किक’ होकर पूरी प्रक्रिया को ‘री-इमेजिन’ करना ही प्रगति का एकमात्र रास्ता होता है।

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मस्क का मंत्र,असंभव लक्ष्य देकर टीम की सोच बदल दें: पूर्व टेस्ला प्रेसिडेंट ने ‘द एल्गोरिदम’ में मस्क के जरिए बताए बिजनेस-लाइफ के बड़े सबक