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बेमौसम बारिश ने एक बार फिर किसानों के अरमानों पर आफत की बारिश कर डाली। जिससे जिले भर की मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा करीब 50 हजार क्विंटल बाजरा बारिश की भेंट चढ़ गया। हालांकि मंडियों में पहुंचा बाजारा प्राइवेट बोली पर खरीद कराया जा रहा है जबकि रंग फीका होने की वजह से सरकारी खरीद एजेंसियों ने अपने हाथ पहले ही पीछे खिंच लिए हैं। किसानों को केवल भावांतर के तहत ही बाजरा बिक्री का लाभ दिया जा रहा है। सोमवार को हुई बारिश में मंडियों के अंदर फसल सुरक्षा के प्रबंध भी पानी में बह गए।
भिवानी जिले की नौ मंडियों में बाजरा की खरीद का शेड्यूल निर्धारित किया है। लेकिन इस बार जलभराव की वजह से बाजरे का रंग फीका और काला पड़ गया था। जिसकी वजह से सरकारी खरीद एजेंसी मानकों पर खरा नहीं उतरने पर बाजरा की खरीद शुरू नहीं कर पाई। किसान केवल भावांतर के तहत ही प्राइवेट बोली पर मंडियों में अपना बाजरा बेच रहे हैं। अब तक करीब ढाई से तीन लाख क्विंटल से अधिक बाजरा की बिक्री किसान कर चुके हैं।
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भिवानी में आसमान से फिर बरसी आफत, मंडियों में भीगा 50 हजार क्विंटल बाजरा



