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मौसम विभाग द्वारा की गई तेज बारिश की संभावना के मद्देनजर डीसी साहिल गुप्ता ने भिवानी के साथ-साथ लोहारू, तोशाम और सिवानी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने उपमंडल में जलभराव वाले संभावित गांवों या अन्य क्षेत्रों की पहचान करें। इसके साथ ही यदि किसी आबादी क्षेत्र में अत्यधिक जलभराव की स्थिति बनती है तो वहां के लोगों के आश्रय के लिए वैकल्पिक जगह तलाश की जाए। उन्होंने बिजली निगम, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शहरी स्थानीय निकाय और जिला परिषद को उनके विभागों द्वारा जलभराव की स्थिति में उठाए जाने वाले कदमों के प्रति ठोस प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। डीसी ने निर्देश दिए कि बारिश के दौरान कहीं पर ड्रेन या रोड तोड़ने की घटना नहीं होनी चाहिए।
डीसी गुप्ता सोमवार को लघु सचिवालय में बाढ़ नियंत्रण से संबंधित अधिकारियों की बैठक में जरूरी निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बिजली निगम, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी और सिंचाई विभाग सभी जरूरी संसाधन सुनिश्चित करें। सभी पंपसेट चालू हालत में होने चाहिए तथा पर्याप्त डीजल की व्यवस्था हो। बारिश के दौरान जलभराव होने वाले संभावित जलभराव वाले जलघर, स्वास्थ्य संस्थाओं और बिजली घरों की पहचान की जाए ताकि वहां पर समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें। उन्होंने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि सभी ड्रेन दुरूस्त हों। बैठक में एडीसी डॉ. मुनीष नागपाल, सीईओ जिला परिषद अजय चोपड़ा, डीएमसी गुलजार मलिक, एसडीएम सिवानी विजया मलिक, लोहारू एसडीएम मनोज कुमार, नगराधीश अनिल कुमार मौजूद रहे।
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भिवानी: जिला में जलभराव वाले संभावित क्षेत्रों की पहचान करें अधिकारी: डीसी



