भारत-EU ट्रेड डील पर वर्ल्ड मीडिया: ब्लूमबर्ग बोला- ट्रम्प को करारा जवाब, NYT ने कहा- टैरिफ के साये में भारत-EU ने रिश्ते मजबूत किए Today World News

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नई दिल्ली10 मिनट पहले

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भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने मंगलवार को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर साइन किए। इसे अब तक की सबसे बड़ा ट्रेड एग्रीमेंट माना जा रहा है। यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन ने इसे मदर ऑफ डील कहा है।

यूरोप से लेकर अमेरिका तक मीडिया ने इस FTA को कवर किया है। जानिए भारत-EU के FTA पर दुनियाभर के मीडिया ने क्या कहा…

ब्लूमबर्ग ने लिखा- ट्रम्प को करारा जवाब

ब्लूमबर्ग ने लिखा कि ट्रम्प को करारा जवाब देते हुए यूरोपियन यूनियन और भारत ने ‘सबसे बड़ा समझौता’ किया। लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद यूरोपियन यूनियन और भारत ने एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता आर्थिक संबंधों को गहरा करने के प्रयासों का हिस्सा है, जिसे ट्रम्प प्रशासन की आक्रामक टैरिफ नीतियों के कारण गति मिली है।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हमने सबसे बड़ा समझौता कर लिया है। इससे दो अरब लोगों का एक फ्री ट्रेड एरिया बना, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।”

इस खास मौके पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी उर्सुला के साथ नई दिल्ली में थे।

NYT बोला- ट्रम्प के साये में भारत-EU ने रिश्ते मजबूत किए

अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने भारत-EU FTA पर लिखा कि ट्रम्प के साये में भारत-EU ने व्यापार रिश्ते मजबूत किए।

करीब दो दशक तक चली बातचीत के बाद आखिरकार एक बड़ा व्यापार समझौता हो गया है। मंगलवार को दोनों पक्षों ने इस फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट की घोषणा की।

यह समझौता ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीतियों के कारण वैश्विक व्यवस्था और पुराने गठबंधनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही चीन सस्ते सामान से दुनिया के बाजार भर रहा है, और अमेरिका को अब पहले जितना भरोसेमंद आर्थिक साझेदार नहीं माना जा रहा।

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसी दौरान इस समझौते को लेकर सहमति बनी।

BBC बोला- भारत और EU ने ऐतिहासिक समझौता किया

BBC ने लिखा कि भारत और यूरोपियन यूनियन ने लगभग दो दशकों तक रुक-रुक कर चली बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की घोषणा की है। दोनों पक्षों ने अमेरिका के साथ तनाव के बीच संबंधों को गहरा करने का लक्ष्य रखा है।

यूरोपीय कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने दिल्ली में एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, “हमने कर दिखाया, हमने अब तक का सबसे बड़ा समझौता कर दिखाया।” भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को “ऐतिहासिक” बताया।

इससे 27 यूरोपीय देशों के समूह और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के बीच वस्तुओं का मुक्त व्यापार संभव हो सकेगा, जो मिलकर ग्लोबल GDP का लगभग 25% और दो अरब लोगों का बाजार बनाते हैं।

इस समझौते से टैरिफ में काफी कमी आने और दोनों पक्षों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि मोटर वाहनों पर वर्तमान जो टैरिफ में 110% तक है, उसे घटाकर 10% कर दिया जाएगा।

अलजजीरा बोला- भारत और EU ने मदर ऑफ ऑल डील की

अलजजीरा ने लिखा कि भारत और यूरोपीय यूनियन एक विशाल व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं। यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी घोषणा की।

मंगलवार को लेयेन ने X पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों पक्ष आज इतिहास रच रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “हमने अब तक का सबसे बड़ा समझौता पूरा कर लिया है। हमने दो अरब लोगों का एक मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाया है, जिससे दोनों पक्षों को लाभ होगा।”

मोदी ने कहा कि लगभग दो दशकों तक रुक-रुक कर चली बातचीत के बाद ऐतिहासिक समझौता हो गया है। उन्होंने वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा के साथ बैठक से पहले इसके लाभों की सराहना की।

उन्होंने कहा, “यह समझौता भारत की 1.4 अरब आबादी और यूरोपियन यूनियन के लाखों लोगों के लिए कई अवसर लेकर आएगा।”

फ्रांसीसी मीडिया बोला- FTA से कई सेक्टर्स में टैरिफ घटेगा

फ्रांसीसी मीडिया ले मोंडे ने कहा कि भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने करीब 20 साल की लंबी बातचीत के बाद एक बड़े फ्री-ट्रेड समझौते को अंतिम रूप दे दिया है।

मंगलवार, 27 जनवरी को दोनों पक्षों ने इस ऐतिहासिक समझौते की घोषणा की। इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” यानी सभी सौदों का सबसे बड़ा सौदा बताया गया है।

इस समझौते का मकसद यूरोपीय देशों के लगभग सभी निर्यात पर लगने वाले टैरिफ को कम करना या पूरी तरह खत्म करना है। इससे करीब 2 अरब लोगों का एक बड़ा साझा बाजार बनेगा।

यूरोपीय संघ के मुताबिक, इस समझौते के तहत यूरोप से भारत आने वाले लगभग 97 प्रतिशत सामान पर टैरिफ घटेगा या खत्म होगा। इससे यूरोपीय कंपनियों को हर साल करीब 4 अरब यूरो (लगभग 4.75 अरब डॉलर) की बचत होगी।

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