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नई दिल्ली3 मिनट पहले
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ओपन डिबेट के दौरान अपनी बात रखते हुए राजदूत हरीश पर्वतनेनी।
भारत ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में मंगलवार को ओपन डिबेट के दौरान पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की। राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने पाकिस्तान के अंदर चल रहे घरेलू राजनीतिक उथल-पुथल को उसके सीमा पार आतंकवाद के लंबे इतिहास से जोड़ा।
राजदूत ने पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल, उनकी पार्टी पर प्रतिबंध और 27वीं संवैधानिक संशोधन के जरिए संवैधानिक तख्तापलट कराने का जिक्र किया।

इमरान खान अगस्त 2023 से भ्रष्टाचार मामले में जेल में हैं और मई 2023 के प्रदर्शनों से जुड़े आतंकवाद विरोधी कानून के तहत मुकदमे चल रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की विशेष दूत एलिस जिल एडवर्ड्स ने भी अडियाला जेल में खान के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार को लेकर चिंता जताई है।
भारतीय राजदूत बोले- कश्मीर का जिक्र PAK के खतरनाक सोच को दिखाता
भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए जम्मू-कश्मीर पर उसके दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं, थे, हैं और हमेशा रहेंगे।
पर्वतनेनी ने आगे कहा कि पाकिस्तान का जम्मू-कश्मीर का अनावश्यक जिक्र करना उसके भारत को नुकसान पहुंचाने के खतरनाक सोच को दिखाता है। राजदूत ने पाकिस्तान को “आतंकवाद का सेंटर” करार देते हुए कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र जैसे मंच का इस्तेमाल भारत और उसके लोगों को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रहा है।
उन्होंने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा कि एक अस्थायी सुरक्षा परिषद सदस्य होने के बावजूद वह लोगों को बांटने वाल एजेंडा चला रहा है, जिससे वह अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पूरा नहीं कर सकता।
आतंकवादी हमलों के चलते सिंधु जल संधि निलंबित हुआ
वहीं, भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने के अपने फैसले का मजबूती से बचाव किया। पर्वतनेनी ने कहा कि 65 साल पहले भारत ने सद्भावना से इस संधि पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान ने इसका उल्लंघन करते हुए तीन युद्ध छेड़े और हजारों आतंकी हमले करवाए।
पर्वतनेनी ने कहा, ‘पिछले चार दशकों में आतंकवाद से हजारों भारतीयों की जान गई है। अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें आतंकवादियों ने धर्म के आधार पर 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या की।’
इसी कारण भारत ने सिंधु जल संधि को तब तक निलंबित रखने का फैसला किया है, जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद और हर तरह के आतंकवाद को खत्म नहीं कर देता। राजदूत ने साफ कहा कि भारत आतंकवाद का पूरी ताकत से मुकाबला करेगा।
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