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फरीदाबाद: हरियाणा में जैसे ही बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आती हैं बच्चों और पैरेंट्स दोनों की टेंशन बढ़ जाती है. खासकर जब परीक्षा बस कुछ दिन दूर हो तो दिमाग में सबसे बड़ा सवाल यही घूमता है इतने कम समय में अच्छे नंबर कैसे लाएं? फेल न हो जाएं. वैसे बच्चे अक्सर गणित, साइंस, इंग्लिश पर फोकस करते हैं, लेकिन हिंदी को सीरियसली नहीं लेते. उन्हें लगता है हिंदी तो आसान है आखिरी वक्त में पढ़ लेंगे, पास हो जाएंगे. बस यहीं गड़बड़ हो जाती है. हर साल यही देखने को मिलता है कि बच्चे बाकी सब्जेक्ट्स में पास हो जाते हैं, लेकिन हिंदी में फंस जाते हैं. इसी वजह से सही गाइडेंस जरूरी है कि हिंदी की तैयारी कैसे करें.
सही प्लानिंग और सिलेबस से करें तैयारी
एनसीईआरटी की किताब अच्छे से पढ़ो
सुखविंदर सीधे कहते हैं बोर्ड का हिंदी पेपर उतना मुश्किल नहीं होता जितना बच्चे सोचते हैं. पिछली बार भी पेपर आसान था जिन्हें सिलेबस और पैटर्न पता था उन्हें कोई दिक्कत नहीं आई. सबसे पहले वो बच्चों को यही सलाह देते हैं कि सिर्फ एनसीईआरटी की किताब अच्छे से पढ़ो. बाकी किताबों में उलझने की जरूरत नहीं. अगर एनसीईआरटी ठीक से पढ़ ली तो आधा काम वैसे ही हो जाता है. और हां पढ़ाई बिना प्लानिंग के बिलकुल मत करो. बगैर योजना के पढ़ोगे तो टाइम तो जाएगा ही फायदा नहीं होगा.
प्री-बोर्ड को हल्के में मत लो
उनकी एक और पक्की सलाह है पिछले पांच-छह साल के बोर्ड पेपर जरूर हल करो. इससे पता चलता है कि किस टाइप के सवाल बार-बार आते हैं और पेपर का पैटर्न क्या है. ऊपर से प्री-बोर्ड को हल्के में मत लो. कई बच्चों को लगता है प्री-बोर्ड बस फॉर्मेलिटी है, लेकिन यही असली तैयारी दिखाता है कहां कमज़ोरी है, कहां स्ट्रॉन्ग हो. प्री-बोर्ड में जिन टॉपिक पर नंबर कम आए वहां ज्यादा मेहनत करो.
कैसे करना है तैयारी
सुखविंदर की नजर में ये जानना भी जरूरी है कि सिलेबस में कौन-से चैप्टर से कितने नंबर के सवाल आते हैं. 10वीं और 12वीं दोनों के लिए अलग सिलेबस है गद्य, पद्य, व्याकरण, अभिव्यक्ति, नैतिक शिक्षा वगैरह. अगर बच्चों को ये क्लियर हो कि किस चैप्टर या किताब से कितने नंबर के सवाल पूछे जाएंगे, तो वे उसी हिसाब से टाइम बांट सकते हैं. तीन-चार जरूरी चैप्टर पर फोकस करके भी अच्छे नंबर लाए जा सकते हैं.
कैसे पाएं अच्छे नंबर
व्याकरण को लेकर वो खास टिप्स देते हैं ये वो हिस्सा है जिसमें रोज थोड़ा-सा प्रैक्टिस करने से आसानी से नंबर बढ़ सकते हैं. रोजाना थोड़ा-थोड़ा अभ्यास करो व्याकरण में मजबूत हो जाओगे. इसी तरह निबंध, पत्र, अनुच्छेद इनका भी एक ढांचा बना लो. इससे लिखते समय टाइम बचता है और जवाब भी असरदार बनता है.
टीचर सुखविंदर पूरे भरोसे के साथ कहते हैं. अगर बच्चे लगातार पढ़ें, सिलेबस और पैटर्न समझकर तैयारी करें, पिछले सालों के पेपर और प्री-बोर्ड को सीरियसली लें तो हिंदी में फेल होना नामुमकिन है. उनके स्कूल में पिछले छह साल में एक भी बच्चा हिंदी में फेल नहीं हुआ है सबका रिजल्ट 100% रहा है. कई बच्चों ने तो हिंदी में शानदार नंबर भी पाए हैं. तो जो बच्चे बोर्ड की तैयारी कर रहे हैं उनके लिए ये टिप्स सच में वरदान हैं.
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