[ad_1]
ढाका3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
बांग्लादेश में विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान पर चुनाव में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तारिक रहमान चुनाव नतीजों में हेरफेर करने वाले इंजीनियर हैं।
विपक्ष का आरोप है कि चुनाव में ‘इंजीनियरिंग’ यानी हेरफेर की गई और इसी वजह से BNP को 200 से ज्यादा सीटें मिलीं। बांग्लादेश में करीब 20 साल बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने आम चुनाव में बड़ी जीत हासिल की।
जमात ए इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन और उसकी सहयोगी पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने आरोप लगाया है कि कई सीटों पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई।
तारिक रहमान 12वीं पास हैं
NCP नेता नसीरुद्दीन पटवारी ने सबसे पहले फेसबुक पर तारिक रहमान को ‘इंजीनियर’ कहा। उनका पोस्ट लाखों लोगों तक पहुंचा और इसके बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और मजाक की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने एआई से बनी तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें तारिक रहमान को इंजीनियर की हेलमेट पहने दिखाया गया।
कुछ लोगों ने तंज कसते हुए लिखा कि ‘लंदन से इंजीनियर पास’, क्योंकि तारिक रहमान 17 साल तक लंदन में निर्वासन में रहे थे। एक अन्य पोस्ट में लिखा गया कि ‘बिना पढ़ाई के इंजीनियर बन गए।’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपने हलफनामे में तारिक रहमान ने अपनी शैक्षणिक योग्यता ‘हायर सेकेंडरी’ यानी 12वीं तक बताई है।

तारिक रहमान ने 17 फरवरी को पीएम पद की शपथ ली। बांग्लादेश में 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बना।ंं
चुनाव आयोग के पास शिकायत दर्ज की गई
NCP नेता आसिफ महमूद ने दावा किया कि उनके पास नतीजों से छेड़छाड़ के सबूत हैं। उनका कहना था कि कुछ जगहों पर वोटों की गिनती पूरी होने से पहले ही विजेता घोषित कर दिए गए और आंकड़ों में बदलाव किया गया।
जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी कहा कि वोटिंग तो ठीक हुई, लेकिन गिनती के दौरान गड़बड़ी हुई। उन्होंने 32 सीटों को लेकर चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
14 फरवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब तारिक रहमान से पूछा गया कि क्या उन्होंने चुनाव जीतने के लिए ‘इंजीनियरिंग’ की, तो उन्होंने शांत लहजे में जवाब दिया कि उनकी ‘इंजीनियरिंग’ सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने लोगों को अपने पक्ष में वोट देने के लिए मनाया।
पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे हैं तारिक रहमान
तारिक रहमान पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। उन्होंने 1988 में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) जॉइन की। 2001 के चुनाव में संगठनात्मक काम से उन्हें पहचान मिली, लेकिन 2006 के बाद उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे और 2007 में उन्हें गिरफ्तार किया गया।
2008 में इलाज के लिए वे लंदन चले गए और करीब 17 साल तक देश से बाहर रहे। इस दौरान वे पार्टी के सीनियर उपाध्यक्ष और बाद में कार्यकारी अध्यक्ष बने। उन पर कई मामले दर्ज हुए, लेकिन बाद में अदालतों ने उन्हें बरी कर दिया।
पिछले साल वे बांग्लादेश लौटे और मां के निधन के बाद पार्टी की कमान संभाली। हालिया चुनाव में BNP की जीत के बाद तारिक रहमान देश के प्रधानमंत्री बने।

BNP+गठबंधन ने 212 सीटें हासिल कीं
बांग्लादेश में पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में BNP ने बड़ी जीत दर्ज की। प्रथोम ओलो के मुताबिक BNP+गठबंधन ने 299 सीटों में से 212 सीटें हासिल की।
जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को 77 सीटें मिलीं। देश में करीब 20 साल बाद BNP की सरकार बनी। 2008 से 2024 तक वहां शेख हसीना की आवामी लीग सत्ता में थी।
तारिक ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत हासिल की है। तारिक रहमान की जीत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें बधाई दी थी। उन्होंने कहा, ‘मेरे भाई तारिक, उनकी टीम और बाकी सभी को बधाई।
बांग्लादेश में 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बना। 1988 में काजी जफर अहमद प्रधानमंत्री बने थे। इसके बाद 1991 से 2024 तक देश की राजनीति में पूर्व पीएम शेख हसीना और खालिदा जिया का दबदबा रहा। ये दोनों ही प्रधानमंत्री बनती रहीं।
——————-
यह खबर भी पढ़ें…
तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बने:मंत्रिमंडल में 1 हिंदू-1 बौद्ध समेत 49 मंत्री; पीएम मोदी ने भारत आने का न्योता दिया

बांग्लादेश में BNP अध्यक्ष तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में तारिक को पीएम पद की शपथ दिलाई। तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वह दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। पढ़ें पूरी खबर…
[ad_2]
बांग्लादेशी PM तारिक रहमान पर चुनाव में गड़बड़ी का आरोप: विपक्ष बोला- वो इलेक्शन में हेरफेर करने वाले इंजीनियर; BNP ने 20 साल बाद चुनाव जीता




