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फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण के बीच लोग घर की हवा शुद्ध करने के लिए तेजी से पौधे खरीद रहे हैं. नर्सरियों में एरिका पाम, रेपिस पाम और मनी प्लांट की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि सही देखभाल के साथ ये पौधे घर को सुंदर बनाने के साथ हवा भी साफ रखते हैं.
फरीदाबाद: फरीदाबाद में इन दिनों प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. धूल, धुआं और हवा में घुलते जहरीले कणों की वजह से लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है. ऐसे में लोग खुद को बचाने के लिए तरह-तरह के उपाय अपना रहे हैं. मास्क पहनने के साथ-साथ अब लोग अपने घरों में ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने लगे हैं, ताकि घर की हवा को साफ रखा जा सके. इसी वजह से शहर की नर्सरियों में पौधों की मांग अचानक बहुत बढ़ गई है. कई नर्सरियों में रोजाना सैकड़ों पौधे बिक रहे हैं और लोग अपने घर, ऑफिस और गैलरी को हरा-भरा बनाने के लिए लगातार पौधे खरीद रहे हैं.
इन पौधों की बढ़ी है डिमांड
Local18 से बातचीत में हेवेन्स ग्रीन नर्सरी फरीदाबाद के संचालक दिगम्बर शर्मा बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों में पौधों की मांग कई गुना बढ़ गई है. उनकी नर्सरी करीब 4 से 5 साल पुरानी है, लेकिन ऐसा क्रेज उन्होंने पहले कभी नहीं देखा. उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा लोग एरिका पाम खरीद रहे हैं जिसकी कीमत डेढ़ सौ रुपए से लेकर ढाई सौ रुपए तक है. इसके अलावा रेपिस पाम पौधे की भी काफी डिमांड है, जिसका रेट ढाई सौ रुपए से शुरू होकर 2000 रुपए तक जाता है. ढाई सौ रुपए वाला पौधा करीब डेढ़ फुट का होता है, इसलिए लोग इसे घर के अंदर रखने के लिए ले जा रहे हैं.
क्या है पौधों की कीमत
नर्सरी में मनी प्लांट, ऑक्सीकोडियम मनी प्लांट और चना दाल फॉर्म पौधे की भी अच्छी मांग बनी हुई है. मनी प्लांट के पौधे ढाई सौ रुपए से शुरू होते हैं, जबकि ऑक्सीकोडियम मनी प्लांट 300 रुपए में मिलता है. चना दाल फॉर्म पौधा 600 से 1200 रुपए तक मिलता है जबकि इसका छोटा पौधा डेढ़ सौ रुपए में भी खरीदा जा सकता है. दिगम्बर शर्मा बताते हैं कि एक दिन में कितने पौधे बिक जाते हैं, इसका कोई हिसाब लगाना मुश्किल है, क्योंकि रोजाना सैकड़ों पौधे नर्सरी से निकल जाते हैं.
सही गमला और मिट्टी है जरूरी
वे बताते हैं कि पौधे लगाने के लिए सबसे जरूरी है सही गमला और गमले में डाली जाने वाली मिट्टी. गमले के साइज के हिसाब से पौधा चुनना चाहिए ताकि उसकी बढ़त सही रहे. नर्सरी में पौधे गमले में मिट्टी और खाद मिलाकर तैयार किए जाते हैं. सर्दियों में पौधों में दिन में सिर्फ एक बार पानी देना चाहिए. खाद के रूप में वर्मी कम्पोस्ट और डीएपी देना बेहतर रहता है, जबकि यूरिया का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. दिगम्बर शर्मा का कहना है कि अगर लोग पौधों को सही तरीके से संभालें तो ये न सिर्फ घर को सुंदर बनाते हैं बल्कि प्रदूषण से भी काफी हद तक बचाव करते हैं.
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