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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीतिक तस्वीर और जटिल हो गई है. एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी के साथ मिलकर लड़ेगी. ओवैसी ने कहा कि वह 25 मार्च को कोलकाता में हुमायूं कबीर के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी AIMIM
दारुस्सलाम में ईद मिलाप समारोह में ओवैसी ने इस गठबंधन की घोषणा करते हुए कहा कि एआईएमआईएम इस गठबंधन में साझेदार के रूप में करीब 8 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. एआईएमआईएम की ये 8 सीटें बीरभूम में 3, मुर्शिदाबाद में 3 और मालदा में 2 होंगी.
हुमायूं कबीर भारतपुर से विधायक और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व नेता हैं. मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज़ पर एक नई मस्जिद बनाने के विवादास्पद बयान के बाद तृणमूल ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया था. इसके बाद उन्होंने दिसंबर 2024 में आम जनता उन्नयन पार्टी का गठन किया.
182 सीटों पर लड़ेगी आम जनता उन्नयन पार्टी
आम जनता उन्नयन पार्टी अकेले 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हुमायूं कबीर खुद रेजिनगर और नाओडा दोनों सीटों से चुनाव लड़ेंगे. कबीर का दावा है कि मुसलमान मतदाताओं का 114 विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक प्रभाव है और वे तृणमूल से असंतुष्ट हैं. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर उनकी पार्टी सरकार में आई तो पहली बार किसी मुसलमान को मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा.
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होंगे और मतगणना 4 मई को होगी. राज्य में 294 सीटें हैं और मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच होने की उम्मीद है.
एआईएमआईएम और आम जनता उन्नयन पार्टी का यह गठबंधन मुर्शिदाबाद, मालदा और बीरभूम जैसे मुस्लिम बहुल ज़िलों में तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी दोनों के समीकरण बिगाड़ सकता है. ओवैसी की 25 मार्च की कोलकाता प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीट बंटवारे का पूरा खुलासा होने की उम्मीद है.
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