फोन को फैक्ट्री रिसेट कब करना चाहिए और इससे क्या होता है? ये बातें नहीं जानते होंगे आप Today Tech News

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एंड्रॉयड हो या आईफोन, लंबे समय तक यूज करने के बाद ये स्लो हो जाते हैं. इनमें इतनी फाइल्स स्टोर हो जाती हैं कि फोन को प्रोसेस करने में टाइम लगने लगता है. इस कारण पुराने फोन में लेट रिस्पॉन्स करने जैसी दिक्कतें आने लगती हैं. कई बार सॉफ्टवेयर अपडेट करने से यह ठीक हो जाता है, लेकिन कई बार फैक्ट्री रिसेट करना पड़ता है. फैक्ट्री रिसेट करते ही फोन की स्पीड एकदम नए जैसी हो जाती है. आज हम जानेंगे कि फैक्ट्री रिसेट से क्या होता है और आपको अपना फोन कब फैक्ट्री रिसेट करना चाहिए.

फैक्ट्री रिसेट से क्या होता है?

फैक्ट्री रिसेट से फोन का हिडन जंक साफ हो जाता है और यह प्रोसेसर पर लोड को कम कर सकता है. इससे फोन फ्रीज होने, रैंडम रीस्टार्ड, बैटरी के जल्दी डिस्चार्ज होने और ऐप क्रैश होने जैसी समस्याएं भी ठीक हो जाती हैं. रिसेट करते ही आपका फोन बिल्कुल वैसा हो जाता है, जैसा आपने इसे खरीदा था. यह ऐप्स, सेटिंग और कैश्ड डेटा आदि को भी रिमूव कर देता है.

फोन को फैक्ट्री रिसेट कब करना चाहिए?

अगर आपका फोन बार-बार बंद हो रहा है या बहुत स्लो है और इसमें ओवरहीटिंग, बैटरी के जल्दी डिस्चार्ज होने और ऐप्स के क्रैश होने जैसी दिक्कतें आ रही हैं तो आप फैक्ट्री रिसेट कर सकते हैं. कई बार ये दिक्कतें सॉफ्टवेयर अपडेट या स्टोरेज खाली करने आदि से भी दूर हो जाती हैं, लेकिन अगर ये बेसिक फिक्स काम नहीं कर रहे हैं तो आप फोन को फैक्ट्री रिेसेट कर सकते हैं. ध्यान रहे कि फैक्ट्री रिसेट करने से आपके फोन का पूरा डेटा उड़ जाएगा. इसलिए रिसेट करने से पहले डेटा का बैकअप जरूर ले लें.

रिसेट करने के बाद क्या करना चाहिए?

फोन को फैक्ट्री रिेसेट करने के बाद आपको केवल उन्हीं ऐप्स को इंस्टॉल करना चाहिए, जिनकी आपको डेली जरूरत पड़ती है. इससे आपका फोन क्लीन रहेगा और इसमें स्टोरेज भी बची रहेगी, जिससे दोबारा फोन के स्लो होने की दिक्कत नहीं आएगी.

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