फरीदाबाद में पुलिस और अस्पताल की अनोखी मुहिम, जहां चालान नहीं गुलाब के साथ मिलता है हेलमेट..जानिए क्या है मकसद Haryana News & Updates

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फरीदाबाद: फरीदाबाद में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे. हर दिन कहीं न कहीं बाइक और कारें टकरा ही जाती हैं और सबसे ज्यादा खतरे में वही लोग रहते हैं जो बाइक पर बिना हेलमेट दौड़ते हैं. कई बार छोटी सी लापरवाही उनकी जान ले लेती है. इसी वजह से सर्वोदय हॉस्पिटल और पुलिस ने मिलकर एक अलग तरह की पहल शुरू की है. मकसद सीधा है लोगों को समझाना कि जिंदगी सबसे कीमती है और हेलमेट पहनना कोई ऑप्शन नहीं ये जरूरत है.

चालान नहीं गुलाब के साथ देते हैं हेलमेट

इस मुहिम में सर्वोदय हॉस्पिटल का पूरा स्टाफ ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर शहर के बड़े चौराहों पर खड़ा होता है. दोपहिया चालकों को रोकते हैं और जो बिना हेलमेट मिलते हैं उनका चालान नहीं काटते. उन्हें गुलाब का फूल पकड़ा कर प्यार से समझाते हैं और जिनके पास हेलमेट नहीं होता उन्हें मुफ्त में हेलमेट दे देते हैं. ये सिर्फ नियम बताने के लिए नहीं बल्कि लोगों तक यह बात पहुंचाने के लिए है.

जिंदगी है अनमोल

सर्वोदय हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जरी विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. यावर शोयब ने Local18 से बातचीत में बताईं. डॉ. यावर शोयब  कहते हैं कि उनकी टीम पिछले चार साल से लगातार ये कोशिश कर रही है. हम बाइक सवारों को रोकते हैं हेलमेट और एक गुलाब का फूल देते हैं, ताकि उन्हें लगे कि ये चालान या सजा नहीं उनकी अपनी जिंदगी की बात है. हमारा मकसद है लोगों को समझाना कि आपकी जान अनमोल है अपने लिए अपने बच्चों, माता पिता और पूरे परिवार के लिए. इसीलिए हेलमेट पहनना बहुत जरूरी है.

लोग करते हैं हेलमेट पहनने में लापरवाही

डॉ. यावर शोयब ये भी बताते हैं कि कई लोग हेलमेट साथ रखते हैं, लेकिन पहनते नहीं या बस हाथ में लटकाए चलते हैं. सोचते हैं थोड़ा ही तो जाना है क्या फर्क पड़ेगा? लेकिन हादसा कभी भी हो सकता है दूरी देखकर नहीं आता. कई बार उन्होंने ऐसे नौजवान देखे हैं जो पढ़ाई या नौकरी कर रहे होते हैं समाज के लिए जरूरी होते हैं पर बिना हेलमेट चलते हैं और सिर में चोट लगने के बाद जिंदगी ही बदल जाती है. कई बार ऑपरेशन करना पड़ता है और कई बार पहले जैसी हालत वापस नहीं आती.

हेलमेट सस्ता नहीं अच्छा खरीदिए

डॉ. यावर शोयब कार वालों को भी याद दिलाते हैं कि सीट बेल्ट लगाना उतना ही जरूरी है. कई लोग सोचते हैं कि सीट बेल्ट सिर्फ लंबी दूरी पर लगानी चाहिए पर असल में हादसा कभी भी कहीं भी हो सकता है.
एक और जरूरी बात…हेलमेट सस्ता नहीं अच्छा खरीदिए. कई लोग बस चालान से बचने के लिए सस्ते हेलमेट ले लेते हैं जो नाम के होते हैं लेकिन असली सुरक्षा नहीं देते. डॉ.यावर शोयब साफ कहते हैं हेलमेट पुलिस से बचने के लिए नहीं अपनी जान बचाने के लिए है. अच्छी क्वालिटी का हेलमेट रोज पहनिए. देखा गया है अच्छा हेलमेट कई बार जानलेवा चोट से भी बचा लेता है.

सर्वोदय हॉस्पिटल की टीम पुलिस के साथ मिलकर लोगों को इंसानियत के नाते समझाने की पूरी कोशिश कर रही है. इसका असर भी दिख रहा है लोग जागरूक हो रहे हैं. कई बार जिन्हें हेलमेट नहीं मिला था वे गुलाब और समझाने के बाद वहीं हेलमेट पहन लेते हैं.

लोगों की जान बचाना है मकसद

फरीदाबाद में बढ़ते हादसों को रोकने के लिए ये पहल वाकई काबिल ए तारीफ है. सुरक्षा कोई बोझ नहीं जिम्मेदारी है. जान सिर्फ आपकी नहीं पूरे परिवार की है. चाहे बाइक हो या स्कूटी, सफर छोटा हो या लंबा, हेलमेट हमेशा पहनें. कार में बैठे हैं तो सीट बेल्ट जरूर लगाएं. एक छोटी सी सावधानी पूरी जिंदगी बचा सकती है. यही संदेश सर्वोदय हॉस्पिटल और पुलिस इस मुहिम से पूरे शहर तक पहुंचाना चाहते हैं.

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