[ad_1]
Last Updated:
फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच गांव में स्थित राजा बल्लू द्वारा निर्मित ऐतिहासिक मंदिर आज भी आस्था का केंद्र है. यहां राधा-कृष्ण की मूर्तियां विराजमान हैं और सामने शिवाला बना है. खास बात यह है कि यहां चढ़ावा नहीं चढ़ाया जाता लोग सिर्फ पूजा कर लौट जाते हैं. जनमाष्टमी पर यहां भारी भीड़ उमड़ती है.
फरीदाबाद. हरियाणा के फतेहपुर बिल्लौच गांव फरीदाबाद में एक ऐसा ऐतिहासिक मंदिर है, जिसे राजा बल्लू ने बनवाया था. ये सिर्फ मंदिर नहीं है गांव की पहचान भी है. मंदिर के सामने शिवाला भी है. गांव वालों की गहरी आस्था इस जगह से जुड़ी हुई है. आसपास के गांवों के लोग भी यहीं पूजा करने आते हैं. राधा कृष्ण के इस मंदिर को पुजारी वाला मंदिर कहा जाता है.
Local18 से बातचीत में पंडित पीतांबर ने बताया मैं यहां पिछले 24 साल से मंदिर के पुजारी हूं. मैं इसी गांव में पैदा हुआ अब 73 साल का हो गया हूं. मुझसे पहले मेरे दादा-परदादा भी यहां पूजा करते थे. इस मंदिर में कोई चढ़ावा नहीं चढ़ाया जाता, लोग सिर्फ पूजा करते हैं.
पंडित पीतांबर ने बताया इस मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है. राजा बल्लू ने इसे बनवाया था और जनमाष्टमी के मौके पर यहां खूब भीड़ जुटती है. मंदिर का एक और खास नाम है पंडित देवी राम पुजारी वाला मंदिर. इसे पुजारी वाला मंदिर के नाम से भी लोग जानते हैं. यहां राधा-कृष्ण की मूर्तियां विराजमान हैं और मंदिर के सामने शिवाला बना हुआ है.
ये करीब 400 गज में फैला हुआ है. मंदिर में पहले से ही कई ऐतिहासिक शंख भी रखे हैं.
पंडित पीतांबर ने बताया इस मंदिर में ऐतिहासिक बड़ा शंख हैं उसी जमाने का है शंख का वजन करीब 2 किलो होगा. खास बात ये है कि छोटे शंख की आवाज ज्यादा तेज होती है. मंदिर गांव के बीचों बीच बाजार में है, लेकिन गांव और बाजार के लोग बस पूजा करके लौट जाते हैं चढ़ावा यहां नहीं चढ़ाया जाता.
फतेहपुर बिल्लौच में 400 गज में फैला मंदिर
गांव के बाबू लाल वशिष्ठ ने बताया कि मैं यहीं का रहने वाला हूं और निगम से रिटायर हूं. ब्राह्मण समाज का पूर्व अध्यक्ष और फरीदाबाद ब्राह्मण सभा का सदस्य भी हूं. मैं सिर्फ ब्राह्मणों के लिए नहीं आस-पास के 36 गांवों के लोगों की सेवा करता हूं. कोई बीमार हो या गरीब हो अस्पताल ले जाने से लेकर हर तरह से मदद करता हूं, खासकर बुजुर्गों की. हमारा ये मंदिर राजा बल्लू के समय का है. बल्लभगढ़ में भी ऐसा ही मंदिर है और उसी तर्ज पर यहां ये मंदिर बनाया गया. वह बताते हैं कि बलराम जी ने इस मंदिर के लिए 8 किला जमीन भी दी थी जो गांव डीग में स्थित है. फतेहपुर बिल्लौच में ये मंदिर 400 गज में फैला है. मैं भी यहां आकर पूजा करता हूं.
About the Author
Vinod Kumar Katwal, a Season journalist with 14 years of experience across print and digital media. I have worked with some of India’s most respected news organizations, including Dainik Bhaskar, IANS, Punjab K…और पढ़ें
[ad_2]



