फरीदाबाद का भूपन दास मंदिर, जहां शुभ काम से पहले जलाई जाती है ज्योत Haryana News & Updates

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फरीदाबाद के फतेहपुर बिल्लौच गांव का 500 साल पुराना भूपन दास मंदिर आज भी आस्था का केंद्र बना हुआ है. शादी हो या कोई शुभ काम, 12 गांवों के लोग यहीं से शुरुआत करते हैं. ककीरिया ईंटों से बना यह मंदिर अपनी परंपराओं, इतिहास और मजबूत पहचान के लिए जाना जाता है.

फरीदाबाद: फरीदाबाद के इस पुराने गांव में एक मंदिर है जिसे लोग भूपन दास मंदिर के नाम से जानते हैं. यहां आसपास के जितने भी गांव हैं सभी लोग कोई भी शुभ काम शुरू करने से पहले इस मंदिर में जरूर आते हैं. शादी हो या कोई और खुशी का मौका सबकी शुरुआत भूपन दास मंदिर से ही होती है. लोगों की मान्यता है कि यहां जो भी मनोकामना मांगों वो पूरी होती है. इस मंदिर की सबसे खास बात इसका इतिहास है और इसकी इमारत पुरानी ईंटों से बनी है जो आज भी मजबूत खड़ी है.

फतेहपुर बिल्लौच गांव के राकेश वैष्णव बताया उनका जन्म यहीं हुआ है. पुराने जमाने में यहां बाबा किन्नर दास रहते थे उनके बाद महंत भूपन दास आए और उन्हीं की वजह से मंदिर प्रसिद्ध हुआ. वैसे तो ये मंदिर राधा-कृष्ण का है लेकिन आसपास के 12 गांवों के लिए ये सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण मंदिर है. इसे गुरु कंठी भी कहा जाता है, क्योंकि उन गांवों की कंठी यहीं से जाती थी और फिर भक्तों को दी जाती थी.

करीब 500 साल पुराना है मंदिर

राकेश ने बताया यह मंदिर ककीरिया ईंटों से बनाया गया है जो अब मिलती नहीं. करीब 500 साल पुराना है और आज भी इसकी पुरानी दीवारें वैसे ही हैं बस छत कुछ जगह बदली गई है. राकेश कहते हैं कि त्योहारों पर यहां खूब भीड़ होती है. बसंत पंचमी हो या एकादशी हर एकादशी पर कीर्तन और त्योहारों पर भंडारा जरूर होता है जिसमें सारे गाँव वाले मिल कर आयोजन करते हैं. मंदिर का क्षेत्र करीब 400 से 500 गज में फैला हुआ है.

ठाकुर जी के लिए जाती है ज्योत

राकेश ने बताया अभी भी गांव में पुरानी परंपरा चल रही है. अगर किसी के घर शादी है, तो सबसे पहले ठाकुर जी के लिए ज्योत यहीं से जाती है. जैसे घर में खाना बनाना हो या शादी के किसी काम की शुरुआत हो. लोगों में अब भी पुरानी आस्था है और अपने बड़ों की मान्यताओं को निभा रहे हैं. आज के समय में ऐसी बातें कम देखने को मिलती हैं, लेकिन इस गांव में और आसपास के गांवों में अभी भी चल रही हैं. बाहर के लोग भी यहां आकर मंदिर में दर्शन करते हैं.

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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