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कालू जादू और सुपरनेचुरल शक्तियों पर 1980 की वो फिल्म जिसकी रिलीज के बाद डायरेक्टर का घर टूट गया था. उनका उनके पति से तलाक हो गया था और उनकी 9 साल की बेटी ने कैंसर से जंग लड़ते हुए दम तोड़ दिया था. फिल्ममेकर ने …और पढ़ें
हाइलाइट्स
- फिल्म ‘गहराई’ काले जादू पर आधारित थी.
- डायरेक्टर अरुणा राजे की बेटी की कैंसर से मौत हुई.
- तांत्रिकों ने फिल्म बनाने से मना किया था.
45 साल पहले 1980 में आई फिल्म गहराई काले जादू के रियल लाइफ अनुभवों पर बेस्ड फिल्म है. इस फिल्म का निर्देशन अरुणा राजे ने किया था और अरुणा राजे के साथ मिलकर इसको विजय तेंदुलकर ने लिखा था. मेकर्स के मुताबिक ये काला जादू और सुपरनेचुरल पावर पर आधारित फिल्म लोगों के रियल लाइफ अनुभव पर बेस्ड थी. 1980 में आई इस फिल्म में पद्मिनी कोल्हापुरे के साथ श्रीराम लागू, अमरीश पूरी ने लीड रोल अदा किया था. पद्मिनी ने उस महिला का किरदार अदा किया था जिसके उपर भूतिया साया रहता है.
डायरेक्टर ने खुद सुनाया था किस्सा
रियल एक्सपीरियंस पर बनाई थी फिल्म
अरुणा राजे ने आगे बताया कि जब उन्हें आगे फिल्में बनाने का मौका मिला तो उन्होंने सोचा कि वो काला जादू पर फिल्में बनाएंगी. वो अपने रियल लाइफ एक्सपीरियंस के साथ कुछ बनाना चाहती थीं. फिल्म के दौरान जब वो रिसर्च कर रही थी तो उन्हें ऐसे लोग मिले जिनपर काला जादू का असर था.
9 साल की बेटी ने तोड़ दिया था दम
डायरेक्टर ने अपने इंटरव्यू में कहा था कि फिल्म के लिए रिसर्च के दौरान जब वो तांत्रिक से मिल रही थीं तो कई तांत्रिक ने उन्हें इस विषय पर फिल्म न बनाने की नसीहत दी थी. उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि ये फिल्म बनाने के बाद उनके साथ बुरा कुछ होगा. अरुणा राजे का कहना है कि उनके साथ ऐसा हुआ भी. वो कहती हैं कि फिल्म बनाने के बाद उनका उनके पति से तलाक हो गया और उनकी छोटी सी 9 साल की बेटी की कैंसर से मौत हो गई. डायरेक्टर ने भी बताया कि फिल्म की रिलीज के बाद दर्शक उनके पास शिकायतें लेकर आते थे कि उनके साथ अजीब-अजीब चीजें हो रही हैं. वो उनसे उनका और उनकी टीम के लोगों का नंबर मांगते थे.
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