पत्रकारों पर आतंकवादी, विदेशी एजेंट होने जैसे आरोप लगाए गए: दुनियाभर में प्रेस को दबाया जा रहा, करीब 300 ‎पत्रकार जेल में बंद, पिछले दशक से 130 ज्यादा‎ Politics & News

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दुनियाभर में प्रेस का दमन किया जा रहा है। हाल‎ ही में हिरासत में लिए गए और कैद किए गए ‎पत्रकारों की संख्या में उछाल आया है क्योंकि‎ सरकारें मीडिया पर नियंत्रण चाहती हैं। अभी‎ पत्रकार जिमी लाई को हांगकांग के अधिकारियों ने‎ 20 साल जेल की सजा सुनाई थी।‎ कमेटी टु प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स के अनुसार ‎2025 के अंत में दुनियाभर में 330 पत्रकार जेल‎ में थे। जबकि एक दशक पहले 200 से भी कम।‎ एक-तिहाई से अधिक पत्रकार पांच साल या उससे‎ अधिक की सजा काट रहे हैं। लगभग आधे‎ औपचारिक रूप से सजा सुनाए बिना ही सलाखों ‎के पीछे हैं। प्रेस के 129 सदस्यों की मौत काम के‎ दौरान या काम के कारण हुई है। ये 1992 में ‎रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से सबसे अधिक संख्या‎ है। प्रेस की स्वतंत्रता के सबसे बड़े अपराधियों में‎ चीन, रूस, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इजराइल ,‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎म्यांमार, सूडान और तुर्किये हैं। पत्रकारों पर ‎सरकार के दुश्मन, आतंकवादी, विदेशी एजेंट या‎ जासूस होने तक के झूठे आरोप लगाए गए हैं।‎ फरवरी में कंबोडिया ने दो पत्रकारों को 14-14 ‎साल की सजा सुनाई गई। सेनेगल में एक समाचार‎ टिप्पणीकार अब्दू एंगुएर को पब्लिक प्रोसीक्यूटर के‎ बयान पर सवाल उठाने की वजह से गिरफ्तार‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ किया गया। वहीं भारत में पिछले महीने एक‎ अदालत ने पत्रकार रवि नायर को एक कंपनी की ‎आलोचना करने वाले पोस्ट के चलते एक साल‎ की सजा सुनाई थी। इथियोपिया में सरकार ने‎ अपनी रिपोर्टिंग के लिए मशहूर अदीस स्टैंडर्ड का ‎लाइसेंस रद्द कर दिया।‎ पत्रकारों को डरा रहे हैं ट्रम्प‎
गाजा में इजरायल के युद्ध के कारण 100 फिलिस्तीनी ‎पत्रकारों की बिना कारण गिरफ्तारी हुई। उससे दोगुने दो‎ वर्षों में मारे गए। मैक्सिको में भी निर्भीक पत्रकारों को ‎डराने की कोशिश की गई। ट्रम्प प्रशासन ने उन पत्रकारों‎ को डराने की कोशिश की है, जो उनके कहे अनुसार ‎नहीं चलते। वॉशिंगटन पोस्ट के एक रिपोर्टर के घर की‎ तलाशी ली है। ट्रम्प ने द न्यूयॉर्क टाइम्स, सीएनएन, द‎वॉल स्ट्रीट जर्नल, द वाशिंगटन पोस्ट के मालिक के‎ खिलाफ संदिग्ध मुकदमे तक दायर किए हैं।‎

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पत्रकारों पर आतंकवादी, विदेशी एजेंट होने जैसे आरोप लगाए गए: दुनियाभर में प्रेस को दबाया जा रहा, करीब 300 ‎पत्रकार जेल में बंद, पिछले दशक से 130 ज्यादा‎