पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: गाय हमारे ग्रामीण और शहरी जीवन की सशक्त कड़ी है Politics & News

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3 घंटे पहले

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पं. विजयशंकर मेहता

भरोसे की चिट्ठी और सच्चाई की पावती हो, पुराने लोग ऐसा कहा करते थे। इसका मतलब होता है जो काम करो, सच्चाई के साथ करो। 27 अप्रैल को गो-सम्मान दिवस मनाया जाएगा। लोग संकल्प पत्र भरेंगे। गाय की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे।

गाय हमारे ग्रामीण और शहरी जीवन की एक बहुत ही सशक्त कड़ी है। अगर आज थोड़ा बहुत भी ग्रामीण क्षेत्र में जीवन बचा है तो उसके पीछे गाय है। यदि हम गाय की सेवा, सुरक्षा और सम्मान के लिए संकल्पित होते हैं तो इसका फायदा शहरी जीवन को मिलेगा।

जो लोग नगरों में रह रहे हैं, वही जानते हैं कि जीवन कितना चुनौतीपूर्ण हो चुका है? रसोई बजट बिगड़ गया, स्वास्थ्य में बेचैनी है, नौकरी-कारोबार में दबाव है, अचल संपत्ति की उलझनें हैं, किफायती आवास का धोखा है और अपराध कब आपके जीवन में प्रकट हो जाए, कह नहीं सकते। फिर भी लोगों को लगता है कि मौज-मस्ती का सबसे बड़ा अड्डा शहर ही हैं। गो-माता को बचाइए तो शायद शहरी जीवन में भी थोड़ी राहत मिलेगी।

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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: गाय हमारे ग्रामीण और शहरी जीवन की सशक्त कड़ी है