पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परमात्मा ने हमको बनाकर कहा है- डु इट योरसेल्फ! Politics & News

[ad_1]


ऊपर वाले ने जब मनुष्य को बनाया तो एक बात मनुष्य में डाली- असीम संभावना। दार्शनिक लोग कहते हैं कि हर मनुष्य को बनाने के बाद जब ऊपर वाला नीचे भेजता है तो सभी के कान में एक बात बोलता है कि मैंने तुझे जो कुछ भी दिया, उसमें सबसे ज्यादा संभावना दी है। नीचे आकर हम यह भूल जाते हैं। फिर जब हम परेशान होते हैं तो ऊपर वाला हमें देखकर सोचता है कि मैंने इसे पंख दिए और यह अपने पंखों का उपयोग नहीं कर रहा है। गीता में एक जगह कृष्ण जी ने कहा था- योग्य लोगों की योग्यता मेरा अंश है। उसको देवांश कहा गया है। तो हम सब परमात्मा के अंश हैं। पिछले दिनों जब मैं फिनलैंड की यात्रा पर था तो एक होटल में मैं चौंक गया। उसके कमरे में न तो टेलीफोन था, न पानी गर्म करने की कैटल। वहां कोई सेवा देने वाला कर्मचारी भी नहीं था। जब पूछा गया कि ऐसा क्यों? तो उन्होंने कहा कि हमारे यहां का नियम है- डु इट योरसेल्फ। फिनलैंड का ये नियम मुझे ऐसा लगा जैसे सचमुच ऊपर वाले की बात यही निभा रहे हैं, क्योंकि परमात्मा ने भी हमको मनुष्य बनाकर कहा है- डु इट योरसेल्फ!

[ad_2]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: परमात्मा ने हमको बनाकर कहा है- डु इट योरसेल्फ!