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- Vijay Shankar Mehta Column: Conquer Negativity With Silence & Meditation
13 मिनट पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
इन दिनों दुनिया में जो देश युद्ध कर रहे हैं, उनको लेकर विश्लेषकों का कहना है जिस देश का जासूसी नेटवर्क तगड़ा होगा और जो एआई का इस्तेमाल भरपूर करेगा, वो जीतेगा। दुनिया का जो दृश्य है, उससे हम क्या सीखें?
खासतौर पर आध्यात्मिक रूप से, क्योंकि एक युद्ध रोज हम भी अपने भीतर लड़ते हैं- दुर्गुणों और सद्गुणों का। इस महाभारत से कोई मनुष्य नहीं बचा। हृदय का स्थान सद्गुणों के पास है, रजोगुण शरीर पर हैं और मन दुर्गुणों को सुरक्षा देता है। तीन गुणों से बनी हुई यह काया एक आंतरिक युद्ध से जूझती है।
मौन और ध्यान- ये जासूसी का नेटवर्क है। जिसने यह दोनों साध लिए, उसके दुर्गुण, उसके सद्गुणों को पराजित नहीं कर पाएंगे। पांडव यदि सद्गुण हैं, कौरव दुर्गुण हैं तो पांडवों की जीत के पीछे श्रीकृष्ण का जबरदस्त जासूसी नेटवर्क था।
पांडवों के सबसे छोटे भाई सहदेव ज्योतिषी थे और उन्होंने दुर्योधन को विजय के लिए जो पूजा बताई थी, उसकी भी जानकारी श्रीकृष्ण के पास आ गई और उसका तोड़ निकाला। तो हमें अपने सद्गुणों को विजयी बनाना है। मौन और ध्यान, दो बातों को साधना चाहिए।
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सद्गुणों को विजयी बनाना है तो मौन और ध्यान को साधें




