पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बल को परमात्मा से जोड़ें तो ऊंचाइयों पर ले जाएगा Politics & News

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9 मिनट पहले

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पं. विजयशंकर मेहता

जब बल आक्रमण में काम आता है, तो उसे शक्ति कहते हैं। और जब सुरक्षा में काम आता है तो उसे सहनशक्ति कहते हैं। मनुष्य को ईश्वर ने तीन तरह के बल दिए हैं- देहबल, मनोबल और आत्मबल। स्वस्थ रहने में देहबल काम आता है, दुर्गुणों से रक्षा करने में मनोबल काम आता है और शांति पाने के लिए आत्मबल काम आता है।

इस समय हमारे जीवन में तकनीक और विज्ञान का अत्यधिक उपयोग हो रहा है। देहबल इससे कमजोर होगा। इसका असर मनोबल पर भी पड़ेगा। आप पाएंगे हर व्यक्ति थोड़ा-थोड़ा मनोरोगी होता ही है। इस दौर में और बढ़ रहा है ये रोग। मनोरोगी जेल, अस्पताल, पागलखाने में ही पाए जाते हों- ऐसा नहीं है।

हमारे आसपास, हमारे घरों में, हमारे काम करने की जगह भी वे आपको मिल जाएंगे और ठीक से तलाश करें तो एक मनोरोगी हमारे भीतर भी प्राप्त होगा। लेकिन परमात्मा ने तीन बल हमें दिए हैं। इनका उपयोग कैसे करना, ये हमारे ऊपर है। बल की धारा को परमात्मा से जोड़ें तो ये आपको ऊंचाइयों पर ले जाएगा। और यही बल गलत दिशा में मुड़ गया तो आपका पतन पशु से भी अधिक हो सकता है।

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