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- Pandit Vijay Shankar Mehta Column: Katha Gives Power To Face Challenges
21 मिनट पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
इन दिनों कथाओं में बहुत भीड़ रहने लगी है। लेकिन सबसे बड़ा प्रभाव कथा का क्या होता है- ये बताया तुलसीदास जी ने उस वार्तालाप में, जो गरुड़ जी और काकभुशुंडि जी के बीच में हो रहा था। पक्षीराज गरुड़ ने कहा- अब श्रीराम कथा अति पावनि, सदा सुखद दु:ख पुंज नसावनि।
आप मुझे श्रीराम की अत्यंत पवित्र करने वाली, सदा सुख देने वाली और दु:ख समूह का नाश करने वाली कथा सुनाइए। पवित्रता, सुख और दु:ख तीनों का संबंध कथा से जोड़ा गया है। कथा में आने वाले पात्र और प्रसंग हमें यह प्रेरणा देते हैं कि जीवन में कुछ आप करें, कुछ होने दें।
कर्म करते समय जब हम सोचते हैं कि जो हम कर रहे हैं, उसका परिणाम वही मिले, जैसा हमने सोचा- यहीं से झंझट शुरू हो जाती है। प्रकृति अपना काम कर रही है। जरूरी नहीं कि आपके सोचे हुए परिणाम को वैसा ही आपको सौंप दे। इसलिए कथा श्रवण से एक शक्ति मिलती है, जो हमें चुनौतियों से विनोद के साथ निपटने में मदद करती है।
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कथा सुनने से चुनौतियों से निपटने की शक्ति मिलती है



