पंजाब यूनिवर्सिटी में चौथा खुफिया रास्ता, कोई रोक-टोक नहीं: फायरिंग के बाद भी नहीं जागा प्रशासन, बिना नंबर प्लेट घूम रही थार, कोई कार्रवाई नहीं – Chandigarh News Chandigarh News Updates

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चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में जहां अक्सर 3 गेट की बात की जाती है कि वहां पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन आज तक चौथे गेट की बात किसी ने नहीं की, जो बाल सुधार गृह जेल के सामने बने मंदिर के बीच से होकर गुजरता है। जहां पर किसी भी तरह की कोई सुरक्षा नहीं है, न फायरिंग के पहले थी और न फायरिंग के बाद पीयू या पुलिस की ओर से सुरक्षा लगाई गई। वहीं फायरिंग करने वाले आरोपियों ने पहले कई दिन पीयू की रेकी की थी, तभी उन्हें पता था कि पीयू के अंदर वाहन लेकर जा सकते हैं क्योंकि वहां चेकिंग अच्छे से नहीं होती। उन्हें इस बात का भी पता था कि वारदात को अंजाम देने के बाद पीयू के तीनों गेट बंद कर दिए जाएंगे, जिसके चलते उन्होंने पहले जो रेकी की थी, उसी चौथे रास्ते से, जो मंदिर से होकर गुजरता है, पैदल ही फरार हो गए और एक्टिवा को पीयू में ही छोड़ दिया क्योंकि मंदिर से पैदल ही जा सकते हैं, वाहन जाने का रास्ता नहीं है। इसके अलावा फायरिंग के अगले ही दिन पीयू में बिना नंबर प्लेट की थार, जिसमें सिर्फ आगे नंबर प्लेट लगी थी, पीछे नहीं, घूमती हुई नजर आई। वहीं अभी पुलिस के हाथ फायरिंग करने वाले आरोपियों का सुराग नहीं लग पाया है। रात 10 बजे बंद होता मंदिर का गेट पीयू में सोपू नेता जशनदीप सिंह उर्फ जश्न जवंदा पर फायरिंग करने वाले चारों आरोपी मंदिर से होकर भागे थे। जब भास्कर टीम मंदिर में जाकर पता किया तो पता चला कि मंदिर का गेट रात करीब 10 बजे तक खुला होता है। इसके दो गेट हैं—एक पीयू की तरफ और दूसरा सड़क की ओर, जिसका एक रास्ता धनास, पीजीआई, खुड्डा लाहौरा की ओर जाता है और दूसरा रास्ता सेक्टर 15, 24, 17, 38, डड्डूमाजरा कॉलोनी और साथ में पंजाब की ओर निकल जाता है। इसके अलावा मंदिर के साथ गुरुद्वारा भी है और उसका भी एक गेट पीयू के अंदर से है। जिस दिन फायरिंग की घटना हुई, उस दिन गुरुद्वारे में कोई प्रोग्राम था, जहां काफी चहल-पहल थी। इसके अलावा फायरिंग के अगले दिन भी पीयू की तरफ मंदिर व गुरुद्वारा के गेट पर किसी भी तरह की कोई सुरक्षा नहीं थी। बिना नंबर प्लेट की घूम रही थार बुधवार को पीयू के अंदर तीनों गेट पर पीयू के सुरक्षा कर्मी तो तैनात थे, लेकिन वे सिर्फ आने वालों को चेक कर रहे थे। पीयू से बाहर जाने वाले किसी भी वाहन को चेक नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा जो पैदल अंदर या बाहर पीयू के गेट से आ-जा रहे थे, उनसे न तो पूछताछ की जा रही थी और न ही उनकी चेकिंग की जा रही थी। इसके अलावा एक काले रंग की थार, जिसके पीछे वाली नंबर प्लेट नहीं थी, लेकिन आगे लगी हुई थी—पंजाब नंबर की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट—उसके अंदर जो बैठे हुए थे, वे पीयू के ही स्टूडेंट थे, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने इसे लेकर न तो खुद कोई एक्शन लिया और न ही इसके बारे में पुलिस को सूचित किया। क्योंकि SOPU नेता पर फायरिंग करने वाले आरोपी स्टूडेंट्स की तरह पीठू बैग लेकर कैंपस में दाखिल हुए थे। इससे साफ है कि एंट्री पॉइंट पर चेकिंग में चूक हुई। चार लड़के थे, पिस्तौल तान दी पंजाब यूनिवर्सिटी के पास स्थित मंदिर के पुजारी राम प्रकाश ने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी की तरफ से मंदिर का एक गेट है, जहां से आरोपी आए थे। उन्होंने सिर्फ जूते उतारने के लिए कहा था कि जूते मंदिर में पहनकर नहीं आते, जिसके बाद आरोपियों ने उन पर पिस्तौल तान दी। इससे वह डर गए। इतने में आरोपी सामने दूसरे गेट से फरार हो गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। बता दें, स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU) लीडर जशनदीप सिंह उर्फ जश्न जवंदा पार्किंग में खड़े थे। इसी दौरान 2 युवक स्कूटी पर आए और आते ही फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली कार में लगी। इसके बाद जशनदीप सिंह खुद को बचाने के लिए वहां से भाग गए। आरोपियों ने दो गोलियां चलाईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गोलियों के 2 खोल बरामद किए। लॉरेंस और बंबीहा गैंग आमने-सामने इस वारदात की जिम्मेदारी बंबीहा, गोपी घनश्यामपुरिया और कौशल चौधरी ग्रुप ने ली है। इन्होंने एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें लिखा है—आज पंजाब यूनिवर्सिटी में SOPU लॉरेंस ग्रुप के प्रधान जश्न जवंदा पर जो गोली चली है, वह हमारे भाई डोनी बल और शगनप्रीत ने चलाई है। इसकी किस्मत अच्छी थी कि बच गया, हर किसी की किस्मत ऐसी नहीं होती। जो भी लॉरेंस SOPU ग्रुप के साथ चलेगा, उसका अंजाम मौत होगा। अंत में ‘रेस्ट इन पीस सिद्धू मूसेवाला’ लिखा है। कौन हैं जश्न जवांदा, फायरिंग का शिकार जश्न जवांदा पहले SOPU के एक गुट से जुड़ा रहा है। वह दो साल पहले पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन चुनाव (PUCSC) में सेक्रेटरी पद का उम्मीदवार भी रह चुका है। 2024 के चुनाव के दौरान लॉरेंस गैंग से जुड़े गैंगस्टर रवि राजगढ़ ने सार्वजनिक तौर पर जश्न जवांदा को SOPU के जनरल सेक्रेटरी उम्मीदवार के रूप में सामने रखा था। फिलहाल रवि राजगढ़ जेल में बंद है। जानकारी के मुताबिक, जश्न ने करीब दो साल पहले यूनिवर्सिटी में एक कोर्स में दाखिला लिया था, लेकिन इस समय वह पंजाब यूनिवर्सिटी का सक्रिय छात्र नहीं है। मूसेवाला के मैनेजर शगनप्रीत का नाम सामने आया पीयू में फायरिंग की इस वारदात के बाद शगनप्रीत का नाम सुर्खियों में आ गया है। शगनप्रीत पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला का मैनेजर रह चुका है। उसका नाम मूसेवाला मर्डर में भी उछला था। उससे पहले विक्की मिड्डुखेड़ा मर्डर में भी उसका नाम चर्चा में आया था। अब बंबीहा गैंग की तरफ से भेजी गई धमकी में बल के साथ उसका नाम भी है। विदेश में छिपे डोनी बल ने 10 जनवरी को लुधियाना में लग्जरी कार शोरूम पर गोलियां चलाकर रंगदारी मांगी थी। 15 जनवरी की रात को सेक्टर-21 में बिल्डर अंकित सदाना की कोठी पर 5 गोलियां चलाकर 5 करोड़ की रंगदारी मांगी। उसका नाम एफआईआर में नामजद है।

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