पंजाब में भगवानपुरिया-घनश्यामपुरिया गैंग में छिड़ी जंग: माझा बेल्ट में 4 महीने में 4 मर्डर, बंबीहा गैंग के गुर्गे की हत्या के बाद बढ़ा तनाव – Punjab News Chandigarh News Updates

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पंजाब के माझा क्षेत्र में गैंगवार एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। अमृतसर, गुरदासपुर, बटाला और तरन तारन जैसे जिलों में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। हाल ही में तरन तारन में दो युवकों की हत्या हुई, जो जग्गू भगवानपुरिया गैंग के करीबी माने जा रहे थे, हालांकि

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खुद जग्गू गैंग ने एक ऑडियो मैसेज जारी कर कहा कि मारे गए युवक उनके गैंग से नहीं जुड़े थे। इस समय दोनों गैंग सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को धमकी भरे ऑडियो और वीडियो भेज रहे हैं और चेतावनी दे रहे हैं कि आगे और हमले हो सकते हैं।

खास बात यह है कि कुछ समय पहले जग्गू भगवानपुरिया की मां की हत्या हो चुकी है, जिसके बाद उसका गैंग और ज्यादा हिंसक हो गया है। दूसरी ओर विरोधी गैंग भी पूरी तरह से पलटवार की तैयारी में है।

ऐसे में पंजाब पुलिस के सामने सिर्फ अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि इस गैंगवार को रोकना भी एक बड़ी चुनौती बन गई है ताकि हालात नियंत्रण से बाहर न हो जाएं।

जग्गू के साथी की हत्या करने के दौरान का सीसीटीवी।

4 पॉइंट में जानें कौन है जग्गू भगवानपुरिया..

  1. कबड्डी खिलाड़ी से गैंगस्टर: जग्गू भगवानपुरिया, असली नाम जगदीप सिंह, गुरदासपुर के भगवानपुर गांव का रहने वाला है। पहले वह कबड्डी खिलाड़ी था लेकिन 2012 में अपराध की दुनिया में कदम रखा। अब तक उस पर हत्या, फिरौती, हथियार और नशा तस्करी सहित लगभग 130 केस दर्ज हैं। वह कभी लॉरेंस बिश्नोई का सहयोगी था, लेकिन अब दोनों की राहें अलग हो चुकी हैं।
  2. सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में भूमिका: 29 मई 2022 को हुए सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में जग्गू भगवानपुरिया गैंग ने लॉरेंस और गोल्डी बराड़ को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया था। गैंग के कुछ सदस्यों ने मूसेवाला की जासूसी और मूवमेंट की जानकारी हमलावरों को दी। हालांकि जग्गू ने अदालत में इन आरोपों से इनकार किया, पर पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम दर्ज है।
  3. लॉरेंस से दुश्मनी और जेल झड़प: मूसेवाला केस के बाद लॉरेंस और जग्गू के बीच वर्चस्व को लेकर टकराव शुरू हुआ। खडूर साहिब जेल में दोनों गुटों में झड़पें हुईं, जिसमें जग्गू गैंग के कई लोग मारे गए या घायल हुए। इसके बाद सुरक्षा बढ़ाई गई और दोनों गुटों के सदस्यों को अलग-अलग जेलों में भेजा गया।
  4. गिरफ्तारी और वर्तमान स्थिति: जग्गू को कई बार गिरफ्तार किया गया और वह 2015 के बाद से लगातार जेल में है। गैंग चलाने की आशंका को देखते हुए उसे पंजाब से हटाकर असम की सिलचर हाई-सिक्योरिटी जेल में रखा गया है, ताकि वह अंदर से गैंग को संचालित न कर सके।

जग्गू ने करवाई थी बंबीहा गैंग के करीबी की हत्या 26 मई 2025 की शाम को बटाला के गांव घुमाण में घुमाण और श्री हरगोबिंदपुर रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के बाहर सनसनीखेज गोलीबारी हुई थी। जिसमें गुरप्रीत सिंह गोरा उर्फ ​​गोरा बरियार की मौत हो गई थी और बिल्ला मंडियाला घायल हो गया था।

इस मामले की जिम्मेदारी जग्गू भगवानपुरिया गैंग ने ली थी। जिसके कुछ समय बाद पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने पटियाला से इस वारदात में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। जोकि गोपी घनश्यामपुरिया गैंग के साथ जुड़ा हुआ था। गोरा घनश्यामपुरिया गैंग का काफी करीबी था।

जब गैंगस्टर जग्गू भगपानपुरिया की गिरफ्तारी हुई थी, तब का शॉट है।

जब गैंगस्टर जग्गू भगपानपुरिया की गिरफ्तारी हुई थी, तब का शॉट है।

जग्गू भगवानपुरिया की मां की हत्या करवाई 28 जून की रात बटाला के अर्बन एस्टेट इलाके में जग्गू भगवानपुरिया के करीबी करणवीर सिंह (29) और उनकी मां हरजीत कौर (52) पर बाइक सवार दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। घटना करीब 9:07 बजे हुई; करणवीर मौके पर ही मृत हो गया। जबकि हरजीत को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉ. ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने घटना को आपसी गैंगवार से जोड़ा और जांच शुरू की थी। सोशल मीडिया पर घनश्यामपुरिया गैंग और बंबीहा गैंग से जुड़े तीन लोगों डोनी बल, प्रभू दासुवाल और कौशल चौधरी ने हमले की जिम्मेदारी लेने वाले पोस्ट किए और दावा किया कि यह उनके साथी गोरे की हत्या का बदला था।

जग्गू भगवानपुरिया के साथी की दिनदहाड़े हत्या हुई थी 5 जुलाई को अमृतसर के गांव चन्नण में दोपहर के समय अज्ञात हमलावरों ने जग्गू भगवानपुरिया गैंग के सदस्य जुगराज सिंह उर्फ तोता की गोलियों से हत्या कर दी थी। जुगराज कुख्यात गैंगस्टर और सिद्धू मूसेवाला मर्डर केस में शामिल रहे जगरूप सिंह रूपा का भाई था।

हमलावरों ने जुगराज पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के तुरंत बाद गोपी घनश्यामपुरिया गैंग ने इस हमले की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर ली। बताया जा रहा है कि घनश्यामपुरिया गैंग इस समय बंबीहा गैंग के साथ मिलकर सक्रिय है और लगातार जग्गू भगवानपुरिया गिरोह से जुड़े लोगों को निशाना बना रहा है।

पंजाब में गैंगवार बढ़ने की 3 बड़ी वजहें

  • फिरौती का पैसा मुख्य कारण: पंजाब में हालिया वारदातों का सबसे बड़ा कारण फिरौती है। कारोबारी गैंगस्टरों के लिए आसान निशाना बन गए हैं। गैंगस्टर फोन पर पैसे की मांग करते हैं, न देने पर पहले डराया-धमकाया जाता है और आखिर में टारगेट किया जाता है।
  • एरिया पर वर्चस्व की लड़ाई: गैंगस्टर अपने-अपने इलाकों में दबदबा बनाने के लिए हत्याएं कर रहे हैं। हाल ही में जग्गू भगवानपुरिया की मां और उसके साथी की हत्या इसी वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा थी। माझा एरिया (अमृतसर, तरन-तारन, गुरदासपुर, पठानकोट) पर नियंत्रण पाने के लिए बंबीहा गैंग ने वारदात को अंजाम दिया।
  • पुरानी रंजिश और गैंगों का बंटवारा: सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग तीन हिस्सों में बंट गया। जग्गू भगवानपुरिया, गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा अलग हो गए। इसी टूट का फायदा उठाकर बंबीहा गैंग दोबारा सक्रिय हो गया और पुराने हिसाब चुकाने के लिए वारदातें बढ़ गईं। बता दें कि जग्गू का दुनिया की प्राइवेट कबड्डी फेडरेशनों पर काफी वर्चस्व है, जिस पर कब्जा करने के लिए हर गैंग लगा हुआ है।
जग्गू की मां की हत्या के दौरान का सीसीटीवी फुटेज जिसमें फायरिंग करता दिख रहा आरोपी।

जग्गू की मां की हत्या के दौरान का सीसीटीवी फुटेज जिसमें फायरिंग करता दिख रहा आरोपी।

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पंजाब में भगवानपुरिया-घनश्यामपुरिया गैंग में छिड़ी जंग: माझा बेल्ट में 4 महीने में 4 मर्डर, बंबीहा गैंग के गुर्गे की हत्या के बाद बढ़ा तनाव – Punjab News