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बलतेज पन्नू ने कहा कि बाजवा की टिप्पणी पंजाब के उन मेहनतकश लोगों का भी सीधा अपमान है, खासकर बैंड-बाजा बजाने वाले कलाकारों, दिहाड़ी मजदूरों और अन्य कलाकारों का, जो शादियों, धार्मिक समारोहों और सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान अथक मेहनत करते हैं।
पूरे पंजाब में प्रदर्शन किए गए, जिनमें मलेरकोटला और रोपड़ में हुए बड़े प्रदर्शन शामिल हैं। यहां बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और बैंड-बाजा कलाकारों ने ‘आप’ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर बाजवा और कांग्रेस पार्टी की दलित विरोधी सोच की कड़ी निंदा की।
होशियारपुर, कपूरथला, एसबीएस नगर, अमृतसर, पठानकोट, तरनतारन, फरीदकोट, फतेहगढ़ साहिब, लुधियाना, मोगा, मलेरकोटला, पटियाला, रूपनगर, संगरूर, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा, श्री मुक्तसर साहिब, बरनाला और एसएएस नगर समेत पूरे पंजाब में रोष प्रदर्शन हुए।
बलतेज पन्नू ने स्पष्ट किया कि पंजाब बराबरी की धरती है, जो गुरु साहिबान की शिक्षाओं और बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर की विचारधारा पर चलता है। पंजाब के लोग दलितों और मेहनतकश समुदायों का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। पन्नू ने कहा कि जब तक बाजवा और कांग्रेस नेतृत्व बिना शर्त माफी नहीं मांगता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
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पंजाब में बाजवा के बयान पर विरोध: आप ने किया राज्यभर में प्रदर्शन, दलित अपमान का आरोप; माफी की उठी मांग


