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पंजाब के तरनतारन में एक खेत में पराली जलाते हुए किसान।
पंजाब में पराली जलाने के मामलों में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को पूरे राज्य में केवल 15 नए मामलों की पुष्टि हुई। इसके साथ ही इस सीजन में पंजाब में कुल मामलों की संख्या 5,018 हो गई है। पंजाब में जहां घटनाएं थम रही हैं, वहीं उत्तर प्रदेश और
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कंसोर्टियम फॉर रिसर्च ऑन एग्रोइकोसिस्टम मॉनिटरिंग एंड मॉडलिंग फ्रॉम स्पेस (Creams) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में मध्य प्रदेश में 641, उत्तर प्रदेश में 377, राजस्थान में 65, हरियाणा में 6 और पंजाब में मात्र 15 मामले सामने आए हैं। इन छह राज्यों को मिलाकर इस साल पराली जलाने के कुल मामले 21,928 पर पहुंच गए हैं। इनमें से मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी 45.4%, पंजाब की हिस्सेदारी 23% से भी कम हो गई है।
पंजाब में केवल 7 जिलों से नए मामले, मुक्तसर सबसे आगे
मंगलवार को पंजाब में केवल 7 जिलों में मामले दर्ज हुए। जिनमें मुक्तसर में 6 मामले आए हैं और ये मंगलवार के दिन में सबसे अधिक हैं। राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में गिरावट 13 नवंबर से शुरू हुई थी। पिछले 6 दिनों में पंजाब में सिर्फ 356 केस दर्ज हुए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी राहत है।
तीन साल में सबसे कम जली पराली-

पराली के मामलों में संगरूर टॉप पर
जिलेवार आंकड़ों पर नजर डालें तो संगरूर इस सीजन में पराली जलाने के सबसे ज्यादा मामलों वाला जिला बना हुआ है, जहां अब तक 694 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बाद तरनतारन में 692, जबकि फिरोजपुर में 544 केस दर्ज हुए हैं। मुक्तसर में अब तक 363, बठिंडा में 354, और मोगा में 327 मामले सामने आए हैं।
अमृतसर जिले में 315 पराली जलाने की घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं, जबकि मानसा में 296 और फाजिल्का में 248 केस दर्ज किए गए हैं। पटियाला में 235, लुधियाना में 212, कपूरथला में 136, और फरीदकोट में 131 मामले दर्ज हुए हैं। इसके अलावा बरनाला जिले में 105, मलेरकोटला में 90, गुरदासपुर में 84, और जालंधर में 83 घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं।
छोटे जिलों में भी कुछ मामले सामने आए हैं—फतेहगढ़ साहिब में 47, एसएएस नगर (मोहाली) में 29, होशियारपुर में 17, और एसबीएस नगर (नवांशहर) में 15 केस मिले हैं। पठानकोट में इस सीजन में पराली जलाने का सिर्फ 1 मामला दर्ज हुआ है।
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पंजाब में पराली जलाने के मामलों में बड़ी गिरावट: राज्य में 5 हजार का आंकड़ा क्रास किया; यूपी–एमपी में इससे भी अधिक मामले रिकॉर्ड – Amritsar News

