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पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वह पंजाब में भविष्य के सभी नगर निगम, नगर परिषदों और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में वैकल्पिक ऑनलाइन नामांकन दाखिल करने की व्यवस्था लागू करने के संबंध में याचिकाकर्ता की मांग पर 60 दिनों के भीतर निर्णय ले। वहीं, इस संबंधी याचिका का निपटारा कर दिया है। याचिका एडवोकेट निखिल थम्मन द्वारा दायर की गई थी। याचिका में बताया गया था कि पंजाब में ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों, जिला परिषदों, नगर निगमों और नगर परिषदों के चुनावों के दौरान नामांकन पत्र दाखिल करने के समय अक्सर झड़पें, हिंसा, नामांकन पत्र फाड़ने, उम्मीदवारों का पीछा करने और दस्तावेज छीनने जैसी घटनाएं होती हैं। ऐसी घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाते हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुरुआत में ही डर और अराजकता का माहौल बन जाता है। याचिकाकर्ता ने पुरानी एक याचिका (CWP-PIL-358-2025) का भी हवाला दिया, जिसमें पटियाला के तत्कालीन SSP पर उम्मीदवारों को नामांकन केंद्र पहुंचने से रोकने के आरोप लगे थे और एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी। डराने धमकाने की वारदातें बढ़ी एडवोकेट निखिल थम्मन ने तर्क दिया कि शारीरिक नामांकन प्रणाली की वजह से हिंसा और डराने-धमकाने की घटनाएं बढ़ रही हैं। चुनाव लड़ने का अधिकार शारीरिक ताकत, राजनीतिक समर्थन या डर सहन करने की क्षमता पर निर्भर नहीं होना चाहिए। एडवोकेट निखिल थम्मन ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संसदीय और विधानसभा चुनावों के लिए अपनाए गए “सुविधा” प्लेटफॉर्म जैसी वैकल्पिक ऑनलाइन नामांकन व्यवस्था लागू करने की मांग की। इससे उम्मीदवारों के बीच शारीरिक संपर्क कम होगा, नामांकन पत्र फाड़ने या छीनने की घटनाएं रुकेंगी और सभी योग्य उम्मीदवारों को सुरक्षित व समान पहुंच मिलेगी।
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पंजाब में निकाय चुनाव पर हाईकोर्ट का आदेश: चुनाव आयोग ऑनलाइन नामांकन पर 60 दिनों में निर्णय ले, याचिका का निपटारा किया – Chandigarh News

