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हरियाणा सरकार ने पंचकूला नगर निगम चुनाव को लेकर फिर से 3 एससी वार्ड रिजर्व करने की अधिसूचना जारी कर दी है। हाईकोर्ट के अधिसूचना रद्द करने वाले फैसले के खिलाफ हरियाणा सरकार ने रिव्यू पिटीशन दायर की थी। रिव्यू पिटीशन पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को हाईक
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हरियाणा सरकार ने नई अधिसूचना जारी करते हुए हवाला दिया है कि साल 2011 में हुई जनगणना के अनुसार पंचकूला की आबादी 267413 थी। जिसमें एससी आबादी की संख्या 41467 थी। जिसके अनुसार एससी के लिए वार्ड की संख्या 3 बनती है। जिसमें दो एससी सामान्य व एक एससी महिला के लिए आरक्षित की गई है।
यूएलबी की ओर से जारी की गई सूचना।
नई अधिसूचना में फिर पेंच
हाईकोर्ट के द्वारा पूरी अधिसूचना रद्द की गई थी। लेकिन सरकार की नई अधिसूचना में जनरल और बीसी वर्ग का जिक्र नहीं है। ऐसे में बीसी व जनरल के लिए अलग से अधिसूचना जारी करनी पड़ेगी। अगर ऐसा नहीं होता है तो मामला फिर से कोर्ट जा सकता है।
अब जानिए कोर्ट में दोनों पक्षों के तर्क…
- कांग्रेस ने कोर्ट में दिया यह तर्क : कांग्रेस नेता एडवोकेट रविंद्र रावल ने बताया कि उषा रानी और अन्य याचिकाकर्ताओं ने 4 सितंबर, 2025 की अधिसूचना के खिलाफ रिट याचिका दायर की थी। इसमें मुख्य तर्क दिए गए थे कि पिछले चुनाव में पंचकूला के 20 वार्डों में से 4 सीटें अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित थी, इस बार इन्हें घटाकर 3 कर दिया गया। सीटों की संख्या में यह बदलाव 2011 की जनगणना के बजाय फैमिली इंफॉर्मेशन डेटा रिपॉजिटरी (FIDR) के ‘ऑन-द-स्पॉट’ सर्वे के आधार पर किया गया है। याचिका में कहा गया था कि FIDR एक स्वैच्छिक योजना है जिसे जनगणना के विकल्प के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जनगणना के अनुसार पंचकूला में SC जनसंख्या 18.1% थी, जिससे सीटों की संख्या 3.62 यानी 4 बनती है।
- सरकार का दावा-बनती हैं SC की 3 सीटें: हरियाणा सरकार के महाधिवक्ता (AG) ने सरकार की तरफ से तर्क दिया कि पंचकूला नगर निगम की सीमाओं में बदलाव किया गया है, जिससे कालका और पिंजौर क्षेत्रों को बाहर कर दिया गया। हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 6 और परिसीमन नियमों में 2023 में संशोधन किया गया था। इसके तहत सीटों का निर्धारण FIDR डेटा के आधार पर करने का प्रावधान जोड़ा गया है।सरकार के अनुसार, 2011 की जनगणना के आधार पर मौजूदा सीमाओं के भीतर SC जनसंख्या केवल 15.51% (41,467) है, जिससे आरक्षित सीटों की संख्या 3.10 यानी 3 बनती है।
- गहन विश्लेषण के बाद यह आया फैसला : कोर्ट ने संविधान और राज्य के कानूनों के बीच टकराव पर गौर किया कि संविधान का अनुच्छेद 243P(g) और 243T स्पष्ट करते हैं कि “जनसंख्या” का अर्थ पिछली प्रकाशित जनगणना के आंकड़े ही हैं। कोर्ट ने नोट किया कि राज्य एक तरफ कुल सीटों के लिए जनगणना की बात कर रहा है, लेकिन SC आरक्षण को कम करने के लिए केवल 2011 के पुराने आंकड़ों या FIDR का सहारा ले रहा है। न्यायालय ने कहा कि हरियाणा परिवार पहचान अधिनियम, 2021 का उपयोग अनुसूचित जाति की जनसंख्या निर्धारित करने के लिए नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह संवैधानिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। कोर्ट ने फैसले में लिखा कि पंचकूला नगर निगम से संबंधित 4 सितंबर, 2025 की अधिसूचना और उससे जुड़ी अनुसूची को रद्द कर दिया गया है।
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पंचकूला में 3 वार्ड फिर SC रिजर्व, अधिसूचना जारी: जनरल और BC का जिक्र नहीं, 2011 की जनगणना को माना आधार – Panchkula News


