[ad_1]
पंचकूला में खुलासा करते हुए डीसीपी सृष्टि गुप्ता।
पंचकूला पुलिस की एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट ने विदेश भेजने के नाम पर चल रहे एक बड़े अंतरराज्यीय फर्जी वर्क वीजा रैकेट का भंडाफोड़ किया। रैकेट में शामिल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
.
पुलिस ने पंजाब के गुरचरण, महाराष्ट्र के शहबाज उर्फ प्रजापति उर्फ गौरंग, बिहार के मुंगेर के अनिकेत उर्फ ऋषि उर्फ कार्तिक व अंशु कुमार तथा सोनीपत के गन्नौर निवासी अजय सेठी को गिरफ्तार किया है। इनमें शहबाज नेशनल लेवल का बॉक्सर रह चुका है।
पुलिस गिरफ्त में आरोपी और पीछे नकाब में पकड़े गए आरोपी।
डीसीपी सृष्टि गुप्ता के मुताबिक, 22 जुलाई को थाना सेक्टर-14 में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि वह पिछले साल उनके जानकार वीजा एजेंटों ने अपने ग्राहकों को फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया और इटली का वर्क वीज़ा दिलाने के लिए आरोपी गुरचरण सिंह से संपर्क कराया था।
प्रतिनिधि तरनप्रीत कौर ने 8 युवाओं के वीज़ा के नाम पर उसे 48 लाख 25 हजार 600 रुपए सौंपे और उनके पासपोर्ट व दस्तावेज़ भी दे दिए। आरोप है कि गुरचरण सिंह ने मार्च व अप्रैल में फर्जी उड़ान तारीखें दीं, लेकिन किसी की फ्लाइट सुनिश्चित नहीं हुई।
इसके बाद अन्य एजेंट ने अपने क्लाइंट्स के साथ तरनप्रीत कौर के कार्यालय पहुंचीं और दबाव बनाकर दो ग्राहकों के 8 लाख रुपए तरनप्रीत से ही वापस करवाए, जबकि यह राशि गुरचरण को दी गई थी। जब शिकायतकर्ता ने गुरचरण सिंह से पैसे वापस लेने की कोशिश की, तो वह फरार हो गया।
शुरुआत में पंजाब से पकड़ा आरोपी
एंटी इमिग्रेशन फ्रॉड यूनिट इन्चार्ज योगविन्द्र सिंह व जांच अधिकारी एएसआई संदीप ने टीम की साइबर सेल इन्चार्ज रामू स्वामी की टीम की मदद से कार्रवाई करते हुए 13 नवंबर को मुख्य आरोपी गुरचरण सिंह को पंजाब के नवाशहर से दबिश देकर गिरफ्तार किया और उसे पूछताछ से बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

आरोपियों से बरामद मोबाइल व लैपटॉप।
5 दिसंबर तक रिमांड पर चार आरोपी
पुलिस ने 25 नवंबर को गिरोह के अन्य सदस्यों शहबाज उर्फ प्रजापति उर्फ गौरंग निवासी महाराष्ट्र, बिहार के मुंगेर निवासी अनिकेत उर्फ ऋषि उर्फ कार्तिक निवासी तथा अंशु कुमार को दिल्ली के पहाड़गंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
पुलिस ने अजय सेठी निवासी गन्नौर, जिला सोनीपत को पानीपत से पकड़ा। ये चारों आरोपी 5 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर हैं। महाराष्ट्र का शहबाज प्रजापति नेशनल लेवल का बॉक्सर भी रहा है।
जयपुर में खोला नया ऑफिस
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्यों ने विदेश भेजने के नाम पर कई युवाओं को मुंबई के एक होटल में करीब एक माह तक रोके रखा। आरोपियों ने मिलकर जयपुर में एक नया ऑफिस भी खोला था, ताकि राजस्थान में अपना नेटवर्क फैला सकें।

पुलिस ने आरोपियों से बरामद किया कैश।
आरोपियों से बरामद हुआ कैश और 40 पासपोर्ट
डीसीपी सृष्टि गुप्ता ने बताया कि अब तक आरोपियों से 8 मोबाइल, 1 लैपटॉप, पंजाब–हरियाणा–चंडीगढ़ के 40 पासपोर्ट, फिनलैंड के 4 टीआरसी कार्ड, 6 चेकबुक, कई मुहरें, 10 एटीएम कार्ड और 6.75 लाख रुपए से अधिक नकदी बरामद के साथ-साथ आरोपी गुरचरण के खाते में 4 लाख रुपए फ्रीज भी करवाए हैं।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस जांच से यह भी पता चला है कि गिरोह के सदस्य लगातार फर्जी नामों का उपयोग करते थे और उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी है। मुख्य आरोपी गुरचरण सिंह के खिलाफ पंजाब में 6 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अजय सेठी के खिलाफ दिल्ली और सोनीपत में 4 आपराधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। इसी तरह शहबाज और अनिकेत के खिलाफ सिरसा जिले में भी मामला दर्ज है। सभी मामले विदेश भेजने के नाम पर ठगी के हैं।
[ad_2]
पंचकूला पुलिस ने फर्जी वर्क वीजा रैकेट पकड़ा: 5 सदस्य गिरफ्तार, इनमें एक महाराष्ट्र का बॉक्सर; 40 पासपोर्ट और 10 ATM कार्ड मिले – Panchkula News

