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पंचकूला की पॉक्सो विशेष कोर्ट ने नाबालिग से रेप करने और गर्भपात करवाने के मामले में युवक को बरी किया है। पीड़ित पक्ष युवती के नाबालिग होने के ठोस प्रमाण पेश नहीं कर पाया, जिसके चलते कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।
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पंचकूला के पिंजौर थाना क्षेत्र की एक युवती ने साल 2021 में आरोप लगाया था कि पड़ोस के रहने वाले युवक ने उसके साथ रेप किया और फिर दवाई देकर उसका गर्भपात करवा दिया। पिंजौर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई पंचकूला की पॉक्सो विशेष कोर्ट में चली। 5 साल बाद आए फैसले में कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।
मेडिकल रिपोर्ट बनी अहम वजह
बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि युवती की उम्र को साबित करने के लिए केवल आधार कार्ड दिया गया है, जिसे कोई ठोस प्रमाण नहीं माना जा सकता। मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टरों ने पुष्टि करते हुए कहा है कि पीड़िता की उम्र साढे 17 से साढे 19 के बीच हो सकती है।
ऐसे में उसे नाबालिग माना जाना सही नहीं है। पीड़िता के साथ रेप का कोई सबूत नहीं मिला है। किसी प्रकार के सीमन सैंपल पुलिस के द्वारा नहीं लिए गए। वहीं युवती के गर्भवती होने के भी कोई मेडिकल दस्तावेज नहीं है।
भाई की वजह से दर्ज हुआ केस
बचाव पक्ष के एडवोकेट ने कोर्ट में कहा कि युवती अपनी मर्जी से युवक के साथ दोस्ती के रिलेशन में थी। दोनों के घर पर शादी की बात भी चली थी, लेकिन आरोपी युवक पीड़िता के भाई को पसंद नहीं था। जिसके चलते उसने केस दर्ज करवाया है। बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को बरी कर दिया।
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पंचकूला कोर्ट से रेप केस में युवक बरी: नाबालिग होने और गर्भपात के प्रमाण नहीं मिले, 5 साल बाद आया फैसला – Panchkula News


