नॉर्वे के PM बोले- नोबेल सरकार नहीं, कमेटी देती है: अमेरिकी राष्ट्रपति को यह समझाया; ट्रम्प ने फ्रांस पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी Today World News

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वॉशिंगटन डीसी13 मिनट पहले

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नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोर ने सोमवार को ट्रम्प का लेटर मिलने की पुष्टि की। इसके बाद बयान जारी कर उन्होंने साफ किया कि नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे सरकार नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र नोबेल कमेटी देती है। सरकार का इसमें कोई रोल नहीं है।

दरअसल, ट्रम्प ने गाहर स्टोर को नोबेल नहीं मिलने को लेकर एक शिकायती चिठ्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने ग्रीनलैंड को अमेरिका में मिलाने की बात कही थी। ट्रम्प ने सोमवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वो अब नोबेल के बारे में नहीं सोचते।

दूसरी ओर उन्होंने फ्रांस के वाइन और शैंपेन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी है। यह चेतावनी ट्रम्प ने फ्रांस के शांति बोर्ड में शामिल होने के निमंत्रण को अस्वीकार करने के विरोध दी।

ट्रम्प बोले- मुझे नॉर्वे से फर्क नहीं पड़ता है, मैंने 8 जंग रुकवाए

ट्रम्प ने पत्रकारों से कहा कि अगर किसी को लगता है कि नॉर्वे नोबेल प्राइज को कंट्रोल नहीं करता है, तो यह मजाक है। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि नॉर्वे क्या कहा रहा है। मैं बस लोगों की जिंदगी बचाने के बारे में सोचता हूं। मुझे लगता है मैंने लाखों लोगों की जान बचाई है।

उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच मई में संघर्ष को सुलझाने के दावे को दोहराते हुए कहा, ‘आप भारत-पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष को देख सकते हैं, जब दो न्यूक्लियर पावर लड़ रहे थे। मैंने अब तक 8 जंग को रुकवाया है और शायद जल्द यह संख्या 9 हो जाएगी।’

ट्रम्प बोले- ताकत के दम पर ही शांति संभव है

वहीं गाहर स्टोर ने ग्रीनलैंड पर ट्रम्प के दावे को लेकर कहा कि यह डेनमार्क के राज्य का हिस्सा है और नॉर्वे डेनमार्क का पूरा समर्थन करता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि नाटो को आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता मजबूत करने के लिए जिम्मेदारी से कदम उठाने चाहिए।

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रम्प ने कहा कि डेनमार्क इसकी रक्षा नहीं कर सकता। हम इसके बारे में काफी लोगों से बात कर रहे हैं। ग्रीनलैंड हमारे लिए काफी जरूरी है।

ट्रम्प ने सोशल मीडिया ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने नाटो के महासचिव मार्क रुट से ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत की है।

उन्होंने बताया कि मैंने स्विट्जरलैंड के दावोस में विभिन्न पक्षों की बैठक के लिए सहमति दी है। मैंने सभी को बताया, ग्रीनलैंड राष्ट्रीय और विश्व सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। अब पीछे हटने का कोई रास्ता नहीं है, इस बात से सभी सहमत हैं।

ट्रम्प बोले- ग्रीनलैंड पर हमारा पूरा कंट्रोल होने तक दुनिया सुरक्षित नहीं

ट्रम्प ने चिट्ठी में लिखा था-

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डेनमार्क उस जमीन (ग्रीनलैंड) को रूस या चीन से बचा नहीं सकता। फिर सवाल यह है कि उनका उस पर मालिकाना हक आखिर क्यों है? ऐसा कोई लिखित दस्तावेज नहीं है। बस इतना है कि सैकड़ों साल पहले वहां उनकी एक नाव पहुंची थी, लेकिन हमारी नावें भी वहां पहुंची थीं।

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ट्रम्प ने आगे लिखा कि NATO की स्थापना के बाद से उन्होंने किसी से भी ज्यादा NATO के लिए काम किया है। अब NATO को भी अमेरिका के लिए कुछ करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दुनिया तब तक सुरक्षित नहीं है, जब तक ग्रीनलैंड पर अमेरिका का पूरा कब्जा नहीं हो जाता। उन्होंने दावा किया कि ग्रीनलैंड अमेरिका के हाथ में होने से NATO और ज्यादा मजबूत और प्रभावी हो जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अप्रैल 2025 में व्हाइट हाउस में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अप्रैल 2025 में व्हाइट हाउस में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय बैठक की थी।

ट्रम्प को मांगने पर भी नोबेल पीस प्राइज नहीं मिला था

ट्रम्प हमेशा नोबेल शांति पुरस्कार लेने की इच्छा जताते रहे हैं। ट्रम्प ने सबसे पहले नोबेल लेने की इच्छा भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए संघर्ष को रुकवाने के दावे की साथ जताई थी।

उन्होंने कहा था कि उनके कारण न्यूक्लियर देशों के बीच जंग की स्थिति टली। पाकिस्तान ने ट्रम्प को धन्यवाद देते हुए उन्हें नोबेल के लिए नॉमिनेट भी किया था। हालांकि, भारत हमेशा ट्रम्प के इस दावे को खारिज करता आया है।

अक्टूबर 2025 में वेनेजुएलाई नेता मारिया मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें ‘वेनेजुएला के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए उनके प्रयासों और तानाशाही से शांतिपूर्ण लड़ाई’ के लिए यह सम्मान मिला था। जब यह मचाडो को मिला तो ट्रम्प ने नाराजगी जताई थी।

माचाडो ने अपना नोबेल ट्रम्प को सौंपा

माचाडो ने हाल ही में अपने नोबेल शांति पुरस्कार का मेडल ट्रम्प को गिफ्ट कर दिया था। ट्रम्प ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से मुलाकात की।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा करने के बाद यह उनकी किसी भी वेनेजुएलाई नेता से पहली आमने-सामने की मुलाकात थी।

मुलाकात के बाद माचाडो ने कहा, ‘मुझे लगता है कि आज हम वेनेजुएलावासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। हम ट्रम्प पर भरोसा कर रहे।’

मारिया ने ट्रम्प को अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया। इस पर लिखा था कि ट्रम्प को वेनेजुएला के लोगों की तरफ से यह भेंट किया जा रहा है। ट्रम्प ने वेनेजुएला की आजादी के लिए जो किया उसे वेनेजुएला के लोग कभी नहीं भूलेंगे।

मारिया ने ट्रम्प को अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया। इस पर लिखा था कि ट्रम्प को वेनेजुएला के लोगों की तरफ से यह भेंट किया जा रहा है। ट्रम्प ने वेनेजुएला की आजादी के लिए जो किया उसे वेनेजुएला के लोग कभी नहीं भूलेंगे।

ट्रम्प की धमकी- फ्रांस के राष्ट्रपति को कोई नहीं चाहता, 200% टैरिफ लगाऊंगा

वहीं गाजा में पुनर्निर्माण के लिए बनाए गए बोर्ड ऑफ पीस से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को इसमें शामिल होने के लिए न्योता दिया है।

फ्रांस के राष्ट्रपति के बोर्ड में शामिल नहीं होने के सवाल पर ट्रम्प बोले कि कोई चाहता भी नहीं है कि वो इसमें शामिल हो, लेकिन अगर जरूरी हुआ तो मैं उनके वाइन और शेम्पेन पर 200% टैरिफ लगा दूंगा। शायद इसकी जरूरत ही न पड़े क्योंकि बहुत जल्द वो अपने ऑफिस से बाहर हो जाएंगे।

दरअसल गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंच चुका है। ट्रम्प ने गाजा के प्रशासन और पुनर्निर्माण के लिए नेशनल कमेटी फॉर द एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ गाजा (NCAG) के गठन का ऐलान किया है।

इस कमेटी की देखरेख करने, फंड जुटाने जैसे कामों के लिए ट्रम्प ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (शांति बोर्ड) का गठन किया गया है। ट्रम्प खुद इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं। इसके अलावा गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड भी बनाया गया है।

ट्रम्प ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को न्योता दिया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ को भी इस बोर्ड में शामिल होने का बुलावा दिया गया है।

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गाजा के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ (शांति बोर्ड) में शामिल होने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को न्योता दिया है। भारत में US के एम्बेसडर सर्जियो गोर ने ट्वीट कर जानकारी दी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ को भी इस बोर्ड में शामिल होने का बुलावा दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें…

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