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Nuh News in Hindi: नूंह जिले के गांव रिठठ में भारी बारिश के कारण सलीम के मकान की छत गिरने से उनके दो बच्चों की मौत हो गई. सलीम और उनकी पत्नी घायल हैं. प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की गई है.
नूंह में बारिश से ढहा मकान नूंह: पूरे उत्तर भारत में इन दिनों बारिश का कहर लगातार जारी है. भारी बरसात से कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है. नदियां और नाले उफान पर हैं. पुरानी और कमजोर इमारतें बारिश की वजह से खतरे में आ गई हैं. ऐसे में कई जगह मकान और छत गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों को भारी नुकसान हो रहा है. नूंह जिले के पिनगवां थाना क्षेत्र के गांव रिठठ में भी भारी बारिश के कारण एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जिसने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है.
बारिश के चलते हीरी मकान की छत
नूंह जिले के गांव रिठठ में सोमवार तड़के करीब 2 बजे सलीम पुत्र इकबाल के मकान की छत अचानक भर भराकर गिर गई. तेज बारिश और मकान की जर्जर हालत के कारण यह हादसा हुआ. छत गिरते समय सलीम अपने परिवार के साथ घर के अंदर सो रहा था. उनके साथ उनकी पत्नी फरहाना, बेटा उमर (12), सलमान (6) और बेटी नारीया (8) भी मौजूद थे.
छत गिरने की आवाज सुनकर पड़ोसी तुरंत मदद के लिए पहुंचे, मलबा हटाकर सभी को बाहर निकाला और अस्पताल ले गए. लेकिन अस्पताल ले जाते समय उमर और नारीया की मौत हो गई. दोनों बच्चों के शव घर पर रखे गए हैं और परिवार अंतिम संस्कार की तैयारी में है.
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी
वहीं, हादसे में घायल सलीम और उनकी पत्नी फरहाना का इलाज नल्हड़ अस्पताल में चल रहा है. वहीं 6 वर्षीय सलमान की हालत नाजुक होने के कारण उसे दिल्ली के हायर सेंटर में रेफर कर दिया गया है.
प्रशासन से मदद की मांग
पुलिस और जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार हालिया भारी बरसात के कारण कई पुराने मकान नमी से कमजोर हो गए हैं. ऐसे जर्जर मकानों में रहने वालों की सुरक्षा खतरे में है. नूंह जिले के कई अन्य गांवों में भी दीवार या छत गिरने के कारण लोगों की जान जा चुकी है.
गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने और सुरक्षित आवास मुहैया कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में जर्जर मकानों में रहना खतरनाक है. इसलिए प्रशासन को इन मकानों का सर्वे कराकर तत्काल राहत के उपाय करने चाहिए.
यह भी पढ़ें: बिन बिजली चलते-फिरते चार्ज हो जाएगा आपका मोबाइल, ये मूवमेंट पावर जेनरेटर बदल देगा गेम!
पुलिस और जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार हालिया भारी बरसात के कारण कई पुराने मकान नमी से कमजोर हो गए हैं. ऐसे जर्जर मकानों में रहने वालों की सुरक्षा खतरे में है. नूंह जिले के कई अन्य गांवों में भी दीवार या छत गिरने के कारण लोगों की जान जा चुकी है.
गांव के लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने और सुरक्षित आवास मुहैया कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में जर्जर मकानों में रहना खतरनाक है. इसलिए प्रशासन को इन मकानों का सर्वे कराकर तत्काल राहत के उपाय करने चाहिए.
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