नई दिल्ली40 मिनट पहले
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इनकम टैक्स विभाग ने शनिवार को ‘इनकम टैक्स रूल्स, 2026’ का नया ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ये नए नियम अगले फाइनेंशियल ईयर यानी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे। सरकार का मकसद टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाना और आम टैक्स पेयर्स के लिए नियमों को आसान बनाना है।
नए प्रस्तावित ड्राफ्ट में नियमों और फॉर्म की संख्या में भी कटौती की गई है। अभी तक लागू ‘इनकम टैक्स रूल्स, 1962’ में कुल 511 नियम और 399 फॉर्म थे। नए ड्राफ्ट में इन्हें घटाकर अब सिर्फ 333 नियम और 190 फॉर्म कर दिया गया है।
विभाग ने उन प्रावधानों को हटा दिया है जिनकी अब जरूरत नहीं थी और कई मिलते-जुलते नियमों को आपस में जोड़ दिया है। इससे टैक्स सिस्टम की जटिलता कम होगी।

आम आदमी के लिए आसान भाषा में तैयार होंगे फॉर्म
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कहा था कि इनकम टैक्स के नियमों और फॉर्म को सरल बनाया जाएगा ताकि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के खुद इनका पालन कर सकें। नए ड्राफ्ट में फॉर्म को दोबारा डिजाइन किया गया है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि फॉर्म की भाषा को अब ज्यादा ‘यूजर-फ्रेंडली’ बनाया गया है ताकि प्रशासनिक और कानूनी उलझनें कम हों। साथ ही, फॉर्म के साथ दी जाने वाली गाइडलाइंस को भी आसान बनाया गया है।
22 फरवरी तक लोग सुझाव दे सकते हैं
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) ने इस ड्राफ्ट को पब्लिक डोमेन में डाल दिया है। आम लोग और स्टेकहोल्डर्स अगले 15 दिनों तक यानी 22 फरवरी 2026 तक इन प्रस्तावों पर अपने सुझाव दे सकते हैं। सरकार का मानना है कि जनता की राय लेने से कानून को और ज्यादा प्रभावी और समावेशी बनाया जा सकेगा। सुझावों के आधार पर अंतिम नियमों को नोटिफाई किया जाएगा।
नए इनकम टैक्स बिल की 4 बड़ी बातें…
- इनकम टैक्स बिल में असेसमेंट ईयर को टैक्स ‘ईयर’ से रिप्लेस किया गया है। बिल के पन्ने 823 से घटकर 622 रह गए हैं। हालांकि, चैप्टर्स की संख्या 23 ही है। सेक्शन 298 से बढ़ाकर 536 कर दिए गए हैं और शेड्यूल्स भी 14 से बढ़कर 16 हो गए है।
- क्रिप्टो एसेट्स को किसी भी अनडिस्क्लोज्ड इनकम के तहत गिना जाएगा, जैसे अभी नकदी, बुलियन और ज्वेलरी को शामिल किया जाता है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि डिजिटल ट्रांजैक्शन को भी पारदर्शी और कानूनी तरीके से कंट्रोल किया जा सके।
- बिल में टैक्सपेयर्स चार्टर को शामिल किया गया है, जो टैक्स पेयर्स के अधिकारों को प्रोटेक्ट करेगा और टैक्स प्रशासन को ज्यादा ट्रांसपेरेंट बनाएगा। यह चार्टर टैक्सपेयर्स के हितों की रक्षा करने के साथ टैक्स अधिकारियों के अधिकारों और जिम्मेदारियों को भी साफ करेगा।
- सैलरी से संबंधित कटौतियां, जैसे कि स्टैंडर्ड डिडक्शन, ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट को अब एक ही जगह पर लिस्ट कर दिया गया है। पुराने कानून में मौजूद मुश्किल एक्सप्लेनेशन और प्रावधानों को हटा दिया गया है, जिससे टैक्सपेयर्स के लिए इसे समझना आसान हो जाएगा।
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1. लोकसभा में पेश हुआ इनकम टैक्स बिल: इसके पन्ने 823 से घटाकर 622 किए, अनडिस्क्लोज्ड इनकम के तहत आएंगे क्रिप्टो एसेट
नया इनकम टैक्स बिल आज यानी गुरुवार, 13 फरवरी को लोकसभा में पेश किया गया है। 622 पन्नों वाला बिल 6 दशक पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 को रिप्लेस करेगा। प्रस्तावित कानून को आयकर अधिनियम 2025 कहा जाएगा और अप्रैल 2026 में प्रभावी होने की उम्मीद है।
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Source: https://www.bhaskar.com/business/news/new-income-tax-rules-simplified-2026-137152110.html



